कन्नौज। द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के लिए करोड़ों रुपये की लागत से तैयार आवास सिर्फ सड़क न बन पाने की वजह से खंडहर हो रहे हैं। सरकारी आवासों की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद समाज कल्याण मंत्री मामले का संज्ञान लिया।
शुक्रवार को समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने डीएम राकेश कुमार मिश्र को आवासों की प्रशासनिक जांच कराने के आदेश दिए। शनिवार को डीएम ने कहा कि गदनपुरबड्डू क्षेत्र में एफएफडीसी के पीछे बने आवास अधिकारियों को एक सप्ताह में आवंटित होने शुरू हो जाएंगे।
पांच अप्रैल को ‘अमर उजाला’ ने किराये पर रह रहे 70 अफसर, सरकारी आवास हो गये खंडहर खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने शुक्रवार को डीएम राकेश कुमार मिश्र को सरकारी आवासों की प्रशासनिक जांच कराने के आदेश जारी किए थे।
2016 में बन गए थे आवास
एफएफडीसी के पीछे द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के लिए 2014 में करीब साढ़े चार करोड़ की लागत से 42 आवासों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। 2016 में आवासों का निर्माण कार्य पूरा करा लिया गया। पर, आवासों तक पहुंचाने वाली सड़क के इंतजार में अधिकारियों ने करीब छह साल का समय बिता दिया।
एक सप्ताह के अंदर टाइप थ्री आवास अफसरों को आवंटित होने शुरू हो जाएंगे। जिन अधिकारियों को सरकारी आवास की जरूरत है, वह आवास अलॉट करवा सकते हैं। -राकेश कुमार मिश्र, डीएम।