विवेचना के दौरान पीड़िता के मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर गांव के रहने वाले युवक आजम का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे 13 जून को गिरफ्तार किया। पुलिस को युवक के पास एक मोबाइल बरामद किया। आरोपी की निशानदेही पर खून से सनी बनियान भी बरामद की। तत्कालीन कोतवाल भुल्लन यादव ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए।
अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज इंद्रजीत सिंह द्वितीय ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर आजम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में लेकर जिला जेल भेज दिया गया।