गेट में ताला डालकर विरोध जताते अधिवक्ता।
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न्यायालय परिसर में गैंगस्टर के आरोपी की पेशी को लेकर सिपाही व वकीलों में उपजे विवाद के चलते गुरुवार को भी हड़ताल जारी रही। अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने कोर्ट का मेन गेट बंद रखा। इस दौरान अधिवक्ताओं को अंदर नहीं जाने नहीं दिया गया, लेकिन वादकारियों पर नरमी दिखाते हुए उनके लिए कोई रोक टोक नजर नहीं आई। गुरुवार सुबह कोर्ट नियत समय से खुला लेकिन न्यायालय का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा।
सुनवाई की तारीख होने पर दूसरे दिन भी जिले भर से दूर-दूर से आए फरियादी दिन भर कोर्ट के चक्कर काटते रहे। मामलों में वादी व दूसरे पक्ष के लोग साथ में मामलों में आए गवाह भी दिन भर इधर-उधर पेड़ों की छाया में बैठने के बाद बैरंग लौट गए। गुरुवार को भी दिन भर इंतजार करने के बाद वादकारियों कोे लौटना पड़ा।
उधर, बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामेंद्र त्रिवेदी का कहना है कि साथी अधिवक्ता पर लगाई गईं धाराएं गलत हैं। पुलिस ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए अधिवक्ताओं के घर दबिश देकर सम्मान को ठेस पहुंचाई है। रामेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि शुक्रवार को मीटिंग कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।