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विद्युत उपकेंद्रों पर लगा नोट बंदी का ग्रहण

Wed, 30 Nov 2016 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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electricity price increases - फोटो : Demo Pic
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जिले में निर्माणाधीन तीन विद्युत उपकेंद्रों पर नोटबंदी का ग्रहण लग गया है, जिससे निर्माण कार्य बाधित है। धन की निकासी न होने से मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल पा रही है तो निर्माण सामग्री भी ठेकेदार नहीं खरीद पा रहे हैं। इससे ठेकेदारों ने काम बंद करा दिया है।
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जिले के उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली देने के लिए इंदरगढ़, मोचीपुर, अकबरपुर सरायघाघ में एक-एक विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कार्य कुछ माह पहले शुरू कराया गया था। 297 लाख रुपये की लागत से मोचीपुर विद्युत उपकेंद्र में निर्माण अभी 25 फीसदी हो सका है। नोटबंदी के चलते ठेकेदार ने निर्माण कार्य पर ब्रेक लगा दिया।

इसी तरह शहर के मोहल्ला अकबरपुर सराय घाघ के विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराने के लिए कार्यदायी संस्था राज कारपोरेशन को जिम्मेदारी सौंपी गई। इस उपकेंद्र की लागत 256 लाख रुपये निर्धारित की गई। 15 फीसदी ही काम हो सका था कि बडे़ नोटों की बंदी का आदेश हो गया। बैंकों से अधिक धन की निकासी न होने से विद्युत उपकेंद्र में लगने वाले सामान की खरीद नहीं हो सकी है। जिसके चलते निर्माण कार्य ठप हो गया।
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इंदरगढ़ विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराने की जिम्मेदारी चौधरी कंस्ट्रक्शन को सौंपी गई थी। यह विद्युत उपकेंद्र भी करीब 256 लाख रुपये की लागत से शुरू कराया गया। अभी 65 फीसदी ही काम हो सका था। इस बिजली घर पर भी नोट बंदी का ग्रहण लग गया। जिसके चलते निर्माण कार्य बंद पड़ा है।

वर्जन
नोट बंदी का असर निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्रों पर पड़ा है। धन के अभाव में ठेकेदार सामान नहीं खरीद पा रहेे हैं। जिससे उपलब्ध सामान लगाकर मामूली काम किया जा रहा है। जैसे ही बैंकों से बेहतर लेनदेन शुरू होगा तो निर्माण कार्य गति पकड़ लेगा। - पी राम (अधिशसी अभियंता विद्युत, कन्नौज)
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