पूर्वोत्तर में हो रही झमाझम बारिश का असर गंगा में दिखने लगा है। पिछले 24 घंटे में गंगा खतरे के निशान को पार कर गई है। जिससे जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। वहीं, बक्शीपुरवा में तहसील प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल जलस्तर 125.080 मीटर पर रुके रहने से राहत है।
जिले में गंगा किनारे पड़ने वाले लगभग 50 गांवों में बाढ़ का खतरा बना है। गंगा में बाढ़ आने के साथ ही काली नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगता है। काली नदी व गंगा किनारे बसे ग्रामीण साल 2010 की बाढ़ सोच कर आज भी विचलित हो जाते है। बुधवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर गया। ऐसे में कटरी क्षेत्र में गंगा व काली नदी किनारे बसे ग्रामीणों ने अपने सामान का सुरक्षित करना शुरू कर दिया है। दोपहर बाद से गंगा का जलस्तर स्थिर हो जाने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदु पर पहुंच जाने पर तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने कई चक्रों में बक्शीपुरवा, मेहंदीघाट पहुंच गंगा के जलस्तर का जायजा लिया है। बुधवार को गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार को गंगा का जलस्तर 125.080 मीटर रहा।
ये गांव होते हैं प्रभावित
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 124.970 के पार हो जाने पर कटरी में सबसे पहले बक्सीपुरवा, कासिमपुर में पानी घुसता है। इसके बाद कटरी गंगपुर, फिरोजपुर, महाबलीपुर, अमीनाबाद, डूंगरपुर, जलालपुर उमरा, तेरारागी, चौधरियापुर, दरियापुर पट्टी, गुगरापुर बांगर, बलिदादपुर, कपूरपुर कटरी, मिस्रीपुर, सलेमपुर आदि गांवों में पानी पहुंच जाता है।