कन्नौज। ठठिया थानाक्षेत्र के भखरौली गांव में 12 अप्रैल 2016 की रात घर में घुसकर जेवर और नकदी चोरी के मामले में ग्राम्य न्यायालय तिर्वा ने आरोपी पुत्र को मंगलवार को बरी कर दिया है। न्यायाधिकारी अंकित तिवारी ने साक्ष्यों के अभाव में यह फैसला सुनाया।
गांव निवासी अमिता पुत्री राजेंद्र ने थाना ठठिया में चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपी पिता-पुत्र घर में घुसकर जेवर और नकदी चोरी कर ले गए। पुलिस ने जांच के बाद पिता ऋषि कुमार को विवेचना में ही दोषमुक्त कर दिया था जबकि पुत्र विवेक के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि मुख्य वादिनी द्वारा घटना की तिथि और समय बार-बार बदला गया। घटना 12 अप्रैल 2016 की बताई गई, लेकिन प्राथमिकी एक माह बाद दर्ज कराई गई, जिससे मामले पर संदेह उत्पन्न हुआ। न्यायालय में प्रस्तुत गवाहों और साक्ष्यों से चोरी की घटना की पुष्टि नहीं हो सकी। गवाहों के बयान विरोधाभासी पाए गए। बरामदगी भी संदिग्ध पाई गई।
इन सभी बिंदुओं पर विचार करते हुए न्यायाधिकारी अंकित तिवारी ने आरोपी विवेक को संदेह का लाभ देते हुए 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद अधिवक्ताओं ने कहा कि विलंब से प्राथमिकी और साक्ष्यों की कमी के कारण अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित नहीं कर सका।