दो साल के इंतजार के बाद आखिरकार मंगलवार से राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो गई। एके डमिक भवन में एचबीटीआई कानपुर से स्थानांतरित होकर आए बीटेक द्वितीय व तृतीय साल के 282 स्टूडेंट के क्लास आज विधिवत चले। बुधवार से काउंसलिंग के जरिए एडमिशन के लिए आने वाले प्रथम साल के स्टूडेंट्स के शैक्षिक अभिलेखों की जांच पड़ताल शुरू हो जाएगी।
सपा शासन के दौरान साल 2013 में राजकीय इंजीनियरिंग कालेज का निर्माण तिर्वा बेला मार्ग पर विधईपुरवा गांव के 19 एकड़ क्षेत्रफल में 105 करोड़ की लागत से शुरू हुआ था। बजट में अवरोध व जमीन का मामला न सुलझ पाने के कारण निर्माण काये अपने निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका। जिसके चलते जुलाई 2015 से बीटेक प्रथम वर्ष के क्लास एचबीटीआई कानपुर में शुरू किए गए। पिछले दो सालों से एचबीटीआई कैंपस में क्लास चल रहे थे।
इंजीनियरिंग कालेज की निदेशक नीलम श्रीवास्तव ने बताया कि कालेज में प्रथम वर्ष के लिए चार ट्रेड शुरू किए गए हैं। जिसमें सिविल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक, कंप्यू्टर संाइस के कोर्स चलेंगे। प्रत्येक ट्रेड में 50 स्टूडेंट के प्रवेश होंगे। इस प्रकार बीटेक प्रथम साल में 200 स्टूडेंट्स के प्रवेश की प्रकिया पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि गर्ल्स हास्टल का बनकर तैयार है, एडमीशन लेने वाली गर्ल्स स्टूडेंट को हास्टल एलाट किए जा रहे हैं। तीन ब्वायज हास्टल बने हैं जिनमे से एक का क ाम अधूरा है। इसके चलते बीटेक द्वितीय वर्ष के स्टूडेंट्स को हास्टल का काम पूरा होने एलाट किए जाएंगे।
टीचरों की नियुक्ति का काम पूरा...
इंजीनियरिंग कालेज की निदेशक नीलम श्रीवास्तव ने बताया कि सभी ट्रेडों में पढ़ाने के लिए फैकल्टी टीचरों की नियुक्ति का काम पू्रा हो गया है। उन्होंने बताया कि विभिन्न ट्रेडों के 21 इंजीनियरिंग टीचरों की तैनाती पूरी कर दी गई है। सभी ने ज्वाइन कर लिया है। इसके अलावा आफिस स्टाफ की तैनाती भी हो चुकी है।