कन्नौज। राज्य महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय बुधवार को मायूस होकर जनपद से लौटीं। उन्होंने सदर तहसील सभागार में महिलाओं से संबंधित शिकायतों को सुनना था। यहां पर महिला फरियादियों का टोटा रहा। महज गुरसहायगंज के समधन क्षेत्र की एक महिला फरियादी आई, जो ससुरालीजनों से पीड़ित थी और रिपोर्ट दर्ज न होने की शिकायत की। उन्होंने कोतवाल गुरसहायगंज से मौके पर ही वार्ता कर महिला की रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया।
अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर राज्य महिला आयोग की सदस्य का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि आलोचनाओं से बचने के लिए अधिकारी अपना प्रतिनिधि भेज देते हैं। ऐसे अधिकारियों को शर्म आनी चाहिए।
उन्होंने तहसीलदार से कहा कि जब मेरा कार्यक्रम तय था तो कुछ देर के लिए अधिकारियों को आना चाहिए था। उधर, विभागीय समीक्षा के दौरान उपजिलाधिकारी सदर, समाज कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, डूडा, सूडा, डीपीआरओ, सीवीओ, जिला परियोजना अधिकारी, मनरेगा, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, कृषि विभाग, यूपीनेडा, नगर पालिका समेत कई विभागों के अधिकारी गायब रहे। इस अवसर पर तहसीलदार अभिनव वर्मा, क्षेत्राधिकारी तिर्वा डॉ. प्रियंका बाजपेई, जिला प्रोबेशन अधिकारी इरा आर्या, थाना प्रभारी व विभिन्न विभागों के अफसर व प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अधिकारियों को नहीं चाइल्ड हेल्प लाइन व पालना केंद्र की जानकारी : राज्य महिला आयोग की सदस्य ने सदर तहसील सभागार में मौजूद अधिकारियों व प्रतिनिधियों से चाइल्ड हेल्प लाइन व पालना केंद्र के बारे में जानकारी ली। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका। इस पर उन्होंने क्लास लगाई और चाइल्ड हेल्प लाइन के प्रतिनिधि को प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब जनपद के अधिकारियों को ही पता नहीं है तो आम लोगों को इसकी क्या जानकारी होगी।
तीन महिलाओं की गोदभराई व दो बच्चों का अन्नप्रासन कराया : महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा रीना पत्नी रमन, जूली पत्नी नीरज व मोनिका की गोदभराई रस्म अदा कराई और उन्हें फल आदि भेंट किए गए। वहीं आशिकी की पुत्री मनिका व रेशमा के पुत्र सनी को अन्नप्रासन कराया गया।