प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों के आवास न बनाने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। खंड विकास व ग्राम पंचायत अधिकारियों को पत्र जारी कर समय से आवास पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अभी तक आठ ब्लाक में 389 लोगों ने आवासों का निर्माण पूरा नहीं किया है। इनमें से अधिकतर ने छत की ढलाई के बाद से काम रोक रखा है। करीब एक दर्जन लोगों ने काम ही शुरू नहीं किया है। धनराशि मिलने के बाद से यह नदारद हैं।
परियोजना निदेशक ने कहा है कि काम शुरू न होने की स्थिति में इन लोगों से रिकवरी कराई जाएगी। इसके अलावा खंड विकास अधिकारियों व ग्राम पंचायत अधिकारियों का वेतन भी रोका जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना में पिछले वित्तीय वर्ष में चयनित हुए लाभार्थियों में से विकास खंड छिबरामऊ में 13, गुगरापुर में 79, हसेरन में 45, जलालाबाद में 19, कन्नौज में 15, सौरिख में 81, तालग्राम में 36, उमर्दा में 101 ने अभी तक आवास पूर्ण नहीं कराए हैं।
आवास पाने वालों में से एक दर्जन लाभार्थी धनराशि मिलने के बाद से अफसरों को खोजे नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा तमाम लाभार्थियों ने छत ढलने के बाद से काम बंद कर रखा है। ऑनलाइन जुटाई गई सूचना के आधार पर इन लोगों को चिंहित किया गया है।
परियोजना निदेशक विजय प्रकाश वर्मा का कहना है कि खंड विकास अधिकारियों व ग्राम पंचायत अधिकारियों को आवास पूर्ण कराए जाने के लिए पत्र जारी किया गया है। जिन लाभार्थियों ने आवास का काम शुरू नहीं कराया, उन्हें चिंहित कर काम शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। काम न शुरू होने की स्थिति में रिकवरी की कार्रवाई होगी।