कन्नौज। तीन तलाक का कई दशकों से दंश झेल रहीं महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत तथा मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना से लाभान्वित करने की कार्ययोजना तैयार की है। उच्चाधिकारियों का पत्र मिलते ही ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग ने तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं को खोजना शुरू कर दिया है। पीड़ित महिलाओं की सूची प्राप्त करने के लिए पुलिस व डीपीओ विभाग को पत्र भेजा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने की घोषणा की थी। उनके आदेश के बाद महिला कल्याण निदेशक मनोज कुमार राय ने जिलाधिकारी व सीडीओ को पत्र भेजा था। इसमें जिले में तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं की सूचना मांगी गई है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के परियोजना निदेशक सुशील कुमार सिंह ने पुलिस व जिला प्रोबेशन अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं की नगरीय व तहसील वार सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत तथा मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना से लाभान्वित किया जाएगा।
इन महिलाओं को किया जाएगा लाभान्वित
इस योजना में उन पीड़ित महिलाओं को शामिल किया जाएगा, जिनका न्यायिक प्रक्रिया व गुजारा भत्ता पाने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 एक्ट के अंतर्गत मामला चल रहा है। इसके अलावा द मुस्लिम वुमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट ऑन मैरिज एक्ट-2019 की धारा सात (ए) के अंतर्गत पीड़ित महिला ने संबंधित थाने में मुकदमा पंजीकृत करवाया होगा।
सरकार की मंशा के अनुरूप तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं को प्रधानमंत्री योजना के तहत आवास, आयुष्मान भारत तथा मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना से लाभान्वित किया जाएगा। पीड़ित महिलाओं की संबंधित विभागों से सूची मांगी गई है। इससे कि इसे उच्चाधिकारियों को भेजा जा सके। इसके बाद इन्हें लाभान्वित किया जाएगा।
-सुशील कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए।