आम आदमी पार्टी की बैठक में कई समस्याओं के साथ
गुजरात में किए गए जमीन घोटाले पर भी चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने पूरे
मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
जिला संयोजक महेंद्र
प्रताप सिंह ने कहा कि गुजरात सरकार द्वारा वर्ष 10-11 में सीएम आनंदी बेन
पटेल की बेटी व उनके व्यापारिक सहयोगियों की कंपनी को मात्र 15 रुपये वर्ग
मीटर की कीमत पर 250 एकड़ जमीन दे दी थी। उस समय नरेंद्र मोदी वहां के सीएम
थे और आनंदी बेन राजस्व मंत्री थी।
संबंधित जंगल या खेती की भूमि का
आननफानन में लैंड यूज बदलकर उसे व्यावसायिक भूमि घोषित कर दिया गया। आनंदी
की बेटी को उक्त 250 एकड़ भूमि केवल एक करोड़ 49 लाख रुपये में दी गई, जबकि
कीमत 125 करोड़ रुयये होती है। कहा कि लैंड यूज बदलकर उसे व्यावसायिक रूप
देने से उस भूमि की कीमत लगभग 700 करोड़ होती है।
जिला सचिव प्रवीण पाठक
ने कहा कि गुजरात सरकार द्वारा पटेल और उनके व्यावसायिक सहयोगियों को लाभ
पहुंचाने हेतु भूमि आवंटन करने में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की हैं।
पांच वर्षों से उस जमीन का कोई उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसके बावजूद
सरकार कोई संज्ञान नहीं ले रही और न ही आवंटन निरस्त कर रही है।
जिला संगठन
संयोजक ओमकार यादव ने कहा कि इस घोटाले की जांच कराने हेतु तत्काल प्रभाव
से एसआईटी का गठन कराया जाए। बैठक में जिला प्रवक्ता धर्मेंद्र शर्मा, नगर
प्रभारी शादाब जाफरी, कुलदीप शाक्य, सुखराज यादव, प्रतीक गौतम, प्रतीक
गौतम, सचिन शुक्ला, अभिषेक त्रिपाठी, देव दुबे, अमित ठाकुर आदि मौजूद थे।