तिर्वा (कन्नौज)। मदरसा संचालक पिता-पुत्र ने महाराष्ट्र के नासिक की महिला को भी हाउस अरेस्ट करके 23 लाख रुपये ठगे थे। नासिक के साइबर क्राइम इंस्पेक्टर ने पुलिस से इस मामले में जानकारी मांगी है। दोनों बाप बेटों को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन्होंने इंदौर की महिला से 46 लाख की ठगी की है। वहीं, कन्नौज में दर्ज मदरसे के खाते से डेढ़ करोड़ रुपये के लेनदेन की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है।
तिर्वा क्षेत्र के गांव सतौरा निवासी अली अहमद मदरसा फलाह दारैन साविरी चलाता है। उसका पुत्र असद अहमद खान पहले मुंबई में ऑटो चलाता था। असद अहमद खान ने मदरसे के नाम से आईसीआईसीआई बैंक में चालू खाता खुलवाया है। 11 सितंबर के बाद से मदरसे के खाते में नौ लोगों ने डेढ़ करोड़ रुपये जमा किए। खाते में आई रकम को दूसरे खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद असद खान ने 11 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर कोतवाली में साहिल नाम के युवक के खिलाफ फर्जी लेनदेन करने का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि साहिल ने चंदा देने की बात कहकर 10 से 12 सितंबर तक रुपये डाले। 13 सितंबर को बैंक एकाउंट फ्रीज होने की जानकारी मिली।
शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर की साइबर थाना पुलिस ने अली अहमद व उसके पुत्र असद अहमद खान को गांव सतौरा से गिरफ्तार करके ले गई। दोनों पर आरोप है कि इंदौर की महिला को सीबीआई अधिकारी बनकर फोन किया और 46 लाख रुपये मदरसे के खाते में ट्रांसफर करा लिए थे। महिला ने कुछ दिन बाद मुकदमा दर्ज कराया था। इंदौर पुलिस का कहना है कि बाप-बेटे मदरसे के खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी में वसूली गई रकम को खपाने में कर रहे थे।
रविवार को महाराष्ट्र के नासिक के साइबर थाने के इंस्पेक्टर बोरे साहब ने तिर्वा कोतवाली में फोन करके बताया कि मदरसा संचालक अली अहमद खान व उसका पुत्र असद अहमद खान ने नासिक की महिला माधुरी को सीबीआई अधिकारी बनकर व्हाट्सएप कॉल करके हाउस अरेस्ट किया था। महिला ने डरकर 23 लाख रुपये मदरसे के खाते में ट्रांसफर किए थे। तिर्वा के इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि पकड़े गए पिता-पुत्र के बारे में साइबर थाना नासिक ने फोन करके जानकारी हासिल की है।
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मदरसे के खाते से डेढ़ करोड़ रुपये के लेनदेन में बैंक मैनेजर का बयान दर्ज
तिर्वा। मदरसे के खाते से डेढ़ करोड़ रुपये के लेनदेन की जांच चल रही है। इस मामले में विवेचक ने अभी तक केवल बैंक मैनेजर के बयान दर्ज किए हैं। यूपीआई से रुपये ट्रांसफर होने के कारण विवेचक को बैंक से खाते का स्टेटमेंट नहीं मिल पाया है।
तिर्वा थाने के इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि मदरसा संचालक असद अहमद खान ने कोर्ट के आदेश से मदरसे के खाते से डेढ़ करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पांच दिन पहले बैंक मैनेजर के बयान लिए और खाते का स्टेटमेंट मांगा। बैंक मैनेजर ने यूपीआई से रुपये ट्रांसफर होने की बात कहकर स्टेटमेंट बाद में देने का भरोसा दिया है। मुकदमे की विवेचना की जा रही है।
बता दें कि तिर्वा क्षेत्र के गांव सतौरा निवासी मदरसा संचालक असद अहमद खान ने 11 नवंबर को साहिल नाम के युवक के खिलाफ संस्था के नाम से डेढ़ करोड़ के फर्जी लेनदेन का मुकदमा दर्ज कराया था। संवाद