तिर्वा/कन्नौज। तिर्वा का राजकीय मेडिकल कालेज चालू कराने के लिए एक तरफ जहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विशेष प्रयास कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ विभागीय अधिकारी काम कम दावे ज्यादा कर रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी भी अनगिनत स्टाफ बाहरी कालेजों में संबद्ध है। इसे वापस कन्नौज लाने की कवायद कछुआ गति से चल रही है।
विभागीय जानकारी के अनुसार मेडिकल कालेज में स्टाफ नर्स के 346 पद हैं। इनमें से 128 स्टाफ नर्स कार्यरत हैं। अब तक 36 ने रिजाइन कर दिया। 182 अभी भी गैर जिलों में संचालित मेडिकल कालेजों से संबद्ध हैं। फार्मासिस्ट के कुल 17 पद स्वीकृत हैं, जिनके सापेक्ष 15 ही कार्यरत हैं। दो फार्मासिस्ट अभी तक दूसरी जगह संबद्ध हैं। वाहनों को चलाने के लिए यहां आधा दर्जन पद हैं, जिनमें से काम सिर्फ दो ही कर रहे हैं। 4 ड्राइवर संबद्ध हैं, जिस कारण व्यवस्था चौपट है।
कुक के 6 पदों में से 4 काम कर रहे हैं। इनमें से दो कुक अभी भी संबद्धीकरण के जरिए दूसरे जिलों में नौकरी कर रहे हैं। स्टेनो भी इस प्रक्रिया से अछूते नहीं हैं। मेडिकल कालेज में कुल 19 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 9 कार्यरत हैं, जबकि 8 स्टेनो अभी तक संबद्ध हैं। सूत्रों की मानें तो बीती सरकार में सेटिंग के जरिए कई कर्मचारियों ने खुद को मनचाही जगह संबद्ध करवा लिया था, जबकि तमाम कर्मचारियों को जानबूझकर दूसरी जगह संबद्ध कर दिया गया था। कई विभाग तो ऐसे हैं जिनके संबद्ध कर्मचारियों का ब्यौरा ही सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।
मेडिकल कालेज की चिकित्सा सेवाएं पटरी पर आने में संबद्धीकरण भी एक प्रमुख बाधा है। जुगाड़ के जरिए मनचाही जगह नौकरी कर रहे कर्मचारी अब आने को तैयार नहीं हैं। इसीलिए संबद्धीकरण कायम है। वहीं कई कर्मचारी आना चाहते हैं, लेकिन विभाग पहल ही नहीं कर रहा है।
सलोवा जिलाध्यक्ष इंद्रेश यादव कहते हैं कि मेडिकल कालेज की चिकित्सा व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए प्रयास किया जाएगा। जो स्टाफ अभी भी गैर जिलों से संबद्ध है उसे कन्नौज लाने की मांग की जाएगी। पहले इस मुद्दे पर प्राचार्य से वार्ता करेंगे। इसके बावजूद सुनवाई न हुई तो मामला ऊपर तक ले जाएंगे। जो कन्नौज में तैनात है और जिसका वेतन यहां से निकल रहा है उससे काम भी यहीं पर कराया जाना चाहिए।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. एके गुप्ता कहते हैं कि आज की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त कर्मचारी हैं। जिस दिन मेडिकल कालेज में क्लासेज व इमरजेंसी सेवाएं शुरू हो जाएंगी, उस दिन संबद्ध किए गए कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि जिस दिन मेडिकल कालेज चालू होगा उसी दिन संबद्धीकरण समाप्त कर दिया जाएगा।