नौकरी के लिए बेरोजगारों को आवेदन करने में उठानी पड़ रही दिक्कतें
सरायमीरा डाकघर में तीन दिन से नहीं पोस्टल आर्डर और पोस्टकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। नौकरी के लिए पुरजोर कोशिश में जुटे बेरोजगारों को इन दिनों नई समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है। विभिन्न पदों के लिए आवेदनपत्र भेजने को पोस्टल आर्डर व पोस्टकार्ड नहीं मिल रहे हैं। पोस्टआफिस के अधिकारी व कर्मचारी स्टाक न होने की बात कहकर ग्राहकों को लौटा रहे हैं। वहीं आवेदक आगामी कुछ दिनों में त्योहार के चलते होने वाले अवकाशों को लेकर चिंतित हैं। पब्लिक काल पर जब यह संवाददाता गुरुवार की दोपहर सरायमीरा डाकघर पहुंचा तो हकीकत सामने आयी।
कार्यालय के काउंटर पर आवेदकों की भीड़ जुटी थी। नौकरी के लिए आवेदन करने वाले कई बेरोजगार लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इनमें रजिस्ट्री व स्पीड पोस्ट करने वाले अधिकांश युवक शामिल थे। पूछतांछ के लिए भी इसी काउंटर पर लोगों को किसी प्रकार पहुंचना पड़ रहा था। दूसरे काउंटर पर पोस्टमास्टर बैठै थे। वह अपने काम में व्यस्त थे। पोस्टल आर्डर का फार्म मांगा तो बताया गया कि अभी नहीं है। कब आयेगा? पता नहीं का जवाब मिला। जवाब से संतुष्ट न होने पर क्लर्क ने बताया कि कहीं नहीं मिल रहे हैं। बैंक जाइए और डीडी बनवाईये। पोस्टकार्ड के बारे में पूछा तो बोले पोस्टकार्ड नहीं तो लिफाफे पर 1 रुपये का टिकट क्यों नहीं लगा देते? बेकार में टाइम वेस्ट करते हो। जब पूछा गया कि पोस्टकार्ड 50 पैसे का है और टिकट एक रुपये का क्यों लगाएं तो कर्मचारी ने घूरते हुए देखा और कहा कि बाजार से लेकर आएं। यहां पोस्टकार्ड नहीं है। दूसरे का काम देखें या तुम्ही से बात करते रहें।
दो टूक
कन्नौज। डाकघर सरायमीरा के पोस्टमास्टर विभांशु पाल से ग्राहकों को हो रही दिक्कतों से रूबरू कराया गया। पेश है उनके साथ बातचीत:
आपके दफ्तर में लोगों को सही जानकारी नहीं दी जाती है?
-ग्राहकों को जानकारी के लिए कर्मचारी तैनात हैं। इसके अलावा वे खुद एक काउंटर पर मौजूद रहते हैं। ग्राहकों को संतोषजनक जवाब दिया जाता है।
पोस्टल आर्डर व पोस्टकार्ड कब से नहीं हैं?
-स्टाक तीन दिन से नहीं है। इसके लिए आला अफसरों को डिमांड भेजी गयी है। फतेहगढ़ मुख्यालय से अभी खेप नहीं आई है। दो-तीन दिन में आने की उम्मीद है।
पोस्टल आर्डर की औसत बिक्री क्या है?
-आमतौर पर तो काफी कम है। तीन माह में करीब 1500 पोस्टल आर्डर की बिक्री की जा चुकी है। वहीं लेकिन विगत कुछ दिनों से इसकी बिक्री में इजाफा हुआ है। स्टाक खत्म होने के पूर्व तीन दिन में 827 पोस्टल आर्डर की बिक्री की गयी थी। पोस्टकार्ड की बिक्री अधिक होने से स्टाक निल हो चुका है।
अधिक बिक्री पर पहले से डिमांड क्यों नहीं की गयी?
-पोस्टल आर्डर व पोस्टकार्ड का विभाग के पास ही टोटा चल रहा है। प्रदेशभर में वैकेंसियों की भरमार है। इसके चलते दिक्कतें आयी हैं।
आवेदकों के पास विकल्प क्या है?
-पोस्टल आर्डर के स्थान पर आवेदक बैंक से डीडी बनवाकर पोस्ट कर सकते हैं। वहीं पोस्टकार्ड के विकल्प के तौर पर लिफाफे पर टिकट लगाकर भेजा जा सकता है।