सड़क की दुर्दशा देख बैठकर कर किया निर्णय
अनदेखी पर जनप्रतिनिधियों का करेंगे बहिष्कार
छिबरामऊ (कन्नौज)। वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहे प्राचीन हनुमान मंदिर मार्ग कीदुर्दशा देख भक्तों ने मार्ग को स्वयं बनवाने का निर्णय लिया है। साथ ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और नेताओं का पूरी तरह बहिष्कार का भी ऐलान करते हुए स्वयं ही फावड़ा लेकर मार्ग की दशा सुधारने के लिए श्रमदान शुरू कर दिया।
सौरिख-बहवलपुर संपर्क मार्ग पर बाबा की बगिया में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर मार्ग बरसात के कारण पूरी तरह दलदल बन गया है। जगह-जगह गड्ढों में जलभराव और कीचड़ से पैदल निकलना दुश्वार हो गया है। मंदिर तक पहुंचना भक्तों के लिए अब काफी कठिन काम हो गया है। शुक्रवार को मंदिर परिसर में हनुमान भक्तों की बैठक हुई। इसमें लोगों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं के खिलाफ जमकर भड़ास निकालते हुए निर्णय लिया कि अब वह लोग स्वयं नागरिकों के सहयोग से सड़क का निर्माण कराएंगे। लोगों का कहना था मंदिर मार्ग बनवाने के लिए उन लोगों ने क्षेत्र के सांसद, विधायक, एमएलसी, जिला पंचायत सदस्य समेत सभी जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर बार अनसुना कर दिया गया। अब उन लोगों ने निर्णय लिया है कि सड़क निर्माण में वह क्षेत्र के इन जनप्रतिनिधियों से किसी भी तरह का कोई सहयोग न लेकर उनका बहिष्कार करेंगे।
मार्ग के निर्माण में आने वाले लगभग 18 लाख रुपये के अनुमानित खर्च के लिए लोगों से सहयोग राशि एकत्र की जाएगी। सहयोग देने के लिए लिए नगरपालिका तिराहे पर पिंकी गुप्ता, स्टेट बैंक के पास नरेश गुप्ता किराने वाले, रोडवेज बस स्टाप के सामने प्रमोद दुबे पान वाले से संपर्क कर सकते हैं। बैठक के बाद भक्तों ने फावड़ा, झाड़ू लेकर मंदिर मार्ग की दुर्दशा को दुरुस्त करने के लिए कारसेवा की। इस दौरान अनुज दुबे, सोनिया पांडेय, अनुराग सक्सेना, अजय चतुर्वेदी, राजा ठाकुर, अमन मिश्रा, अतुल चतुर्वेदी, नरेश बाथम, सत्यदेव पांडेय, सनी पांडेय, अशोक, पप्पू दुबे, नन्हे मिश्रा आदि मौजूद रहे।