जनपद दौरे के दूसरे दिन धांधली देखकर दंग रह गए पीडब्ल्यूडी सचिव
अभियंताओं को फटकारा, डीएम व सीडीओ को दी जांच की जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज/ तिर्वा। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट भी घपलेबाजी का शिकार हो गए हैं। जिले के नोडल अफसर और लोकनिर्माण विभाग के सचिव डा. हरिओम ने जनपद दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को जब लोहिया पथ को खुदवाकर चेक कराया तो उसकी क्वालिटी घटिया निकली। इंजीनियरों और ठेकेदारों की साठगांठ के कारण सड़क निर्माण में धांधली देखकर वे भड़क गए और अफसरों की क्लास लगाकर उन्हें खूब डांट पिलाई। जिलाधिकारी और सीडीओ को विस्तृत जांच कराकर कार्रवाई के लिए आख्या भिजवाने की जिम्मेदारी सौंपी।
सचिव पीडब्ल्यूडी शुक्रवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार, सीडीओ उदयराज यादव, सीएमओ डा. पीएन वाजपेयी के साथ जिले में बन रहीं सड़कों की गुणवत्ता की सच्चाई देखने के लिए निकले। उन्होंने इटावा जिले की कर्री पुलिया ऊसराहार पालन अड्डा से लेकर तिर्वा, सौरिख, ठठिया होते हुए मकनपुर तक जाने वाले लोहिया पथ को चेक कराया। 80 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत से बनी 92.5 किमी लंबे इस लोहिया पथ का शुभारंभ खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था।
सचिव ने लोहिया पथ को तीन अलग-अलग स्थानों पर खुदवाया। खुदाई के दौरान सड़क में डाली गई गिट्टी, डामर आदि की मोटाई, गिट्टी की क्वालिटी आदि चेक कराई तो उसकी क्वालिटी असंतोषजनक पाई गई। कानपुर नगर, कन्नौज और इटावा जिले की सीमाओं को जोड़ने व बाईपास की भूमिका निभाने वाले इस रोड की खराब गुणवत्ता ने सचिव का पारा गर्म कर दिया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार जेई, एई, एक्सईएन से लेकर एसी तक को दंड अवश्य मिलेगा। पीडब्ल्यूडी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता की संयुक्त टीम से लोहिया पथ की गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराने का फरमान सुनाया। इसके बाद सचिव ने सदर ब्लाक के गंगधरापुर गांव में निर्माणाधीन माडल स्कूल का जायजा लिया। यह माडल स्कूल 275 लाख रुपये से बनना है, जिसके लिए 265 लाख रुपये अवमुक्त हो चुका है। सचिव ने जल्द माडल स्कूल बनवाकर इसे संबंधित विभाग को हैंडओवर करने के निर्देश दिए।
सीएचसी में गंदगी पर नाराजगी जताई
तिर्वा (कन्नौज)। सचिव पीडब्ल्यूडी डा. हरिओम का काफिला सुबह 10:30 बजे के करीब सीएचसी पहुंचा। यहां उन्होंने सबसे पहले हाजिरी रजिस्टर का अवलोकन करओपीडी का निरीक्षण किया। ओपीडी में मरीजों के लिए बनने वाली पर्चियों में सिर्फ नाम देखकर उन्होंने मौजूद फार्मासिस्ट को पर्चियों में मरीज का पूरा नाम व पता साथ ही मोबाइल नंबर भी अंकित करने के निर्देश दिए। पैथोलाजी सेक्शन में गंदगी मिलने पर उन्होंने सीएमओ को टाइल्स लगवाने के निर्देश दिए। ी परिसर में कुछ स्थानों पर कूड़े व गंदगी का ढेर देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। सीएचसी प्रभारी डा. जे. राम से सफाई व्यवस्था चौकस रखने को कहा।
फिर खुली इंजीनियरों-ठेकेदारों की कलई
कन्नौज। जिले में निर्माणाधीन सड़कों की क्वालिटी खराब निकलने से लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इंजीनियरों और ठेकेदारों के गड़बड़झाले की रिपोर्ट इस बार सीधे मुख्यमंत्री को सौंपने की तैयारी की जा रही है। ताकि घटिया सड़कें बनाने वालों पर गाज गिर सके।
इससे पहले तत्कालीन जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार को निरीक्षण के दौरान तमाम सड़कों की गुणवत्ता खराब मिली थी। उन्होंने कमेटी गठित कराकर सड़कें चेक कराई थीं, जिसमें भी त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत बनी कई रोडें मानकों पर खरी नहीं उतरी थीं। इसके बाद पांच महीने पहले जनपद दौरे पर सचिव पीडब्ल्यूडी डा. हरिओम को मलिकपुर से तेराजाकेट होते हुए तालग्राम तक जाने वाली सड़क की गुणवत्ता खराब मिली थी। इसके बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। गुरुवार को एक बार फिर सड़क निर्माण में खुदाई के दौरान उजागर हुए गोलमाल ने दावों की कलई खोल दी। सचिव ने यह कहते हुए नाराजगी और चिंता जताई कि बार-बार हिदायत देने के बावजूद इंजीनियरों की कार्यप्रणाली में सुधार न आना गंभीर लापरवाही है। स्पष्ट हो रहा है कि जेई, एई से लेकर अन्य अभियंता साइट पर नियमित रूप से नहीं जाते हैं। निर्माण कार्य के दौरान मानीटरिंग व जिला स्तरीय अफसरों के निरीक्षण न होने के कारण ही गुणवत्ता युक्त विकास कार्य नहीं हो रहे हैं।