कन्नौज। गेहूं खरीद के लिए शासन द्वारा भले ही समर्थन मूल्य 1400 रूपए प्रति कुंतल निर्धारित हो लेकिन किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकतर गेहूं खरीद केंद्रों पर ताला लटक रहा है। इसके चलते अपनी उपज बेचने पहुंचने वाले किसानों को मायूसी का सामना करना पड़ता है। क्रय केंद्र प्रभारियों के लापरवाह रवैये के चलते बिचौलियों के हाथों औने-पौने दाम पर किसान गेहूं बेचने को मजबूर हैं।
सदर तहसील के गांव आनंदीपुरवा निवासी रमेशचंद्र कटियार का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को उपज का उचित लाभ दिलाने का प्रयास दिखावा साबित हो रहा है। क्रय केंद्र प्रभारी बिचौलियों से मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। खरीदकेंद्रों पर ताला लटकता रहता है। कई गेहूं खरीद केंद्रों का तो पता ही नहीं है। इसके चलते किसानों को गेंहू बेचने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। गांव केसरीपुरवा निवासी बृजेश यादव का कहना है कि गेहूं क्रय केंद्रों पर 1400 रूपए प्रति कुंतल खरीद किए जाने के बैनर लगे हैं। लेकिन अभी तक खरीद शुरू नहीं हुई है। सहालग के चलते खेतों में तैयार उपज को किसान बेचने बाजार पहुंच रहा है। मंडी समिति की आढ़तों पर 1300-1325 रूपए प्रति कुंतल की दर से गेंहू खरीदा जा रहा है। वही बिचौलियों की मनमानी के चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गांव मेंहदीपुर निवासी उमेशचंद्र शर्मा का कहना है कि कटरी में अधिकांश गेहूं की कटाई व मड़ाई हो चुकी है। किसान जरूरत के मुताबिक भंडारण कर अतिरिक्त गेहूं को बेचने जिला मुख्यालय व क्रय केद्रों पर पहुंच रहा है। यहां कई दिन भटकने के बाद भी किसानों को मायूसी हाथ लग रही है। गांव बलारपुर निवासी रावेंद्र कटियार का कहना है कि गेंहू के सरकारी समर्थन मूल्य का किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई केंद्र तो अभी खुले भी नहीं है। जबकि कागजों में एक पखवारे से क्रय केंद्र संचालित हो रहे हैं। अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उधर एडीएम रमेशचंद्र यादव ने बताया क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद न होने की शिकायतें मिल रही हैं। केंद्र प्रभारियों को चेतावनी दी गयी है। जल्द ही रवैया न सुधरा तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाही की जाएगी।