तिर्वा (कन्नौज)। राजकीय मेडिकल कालेज में पिछले 20 दिनों से चल रहे गतिरोध को समाप्त कराने के लिए बुधवार को मेडिकल कालेज प्रशासन व कर्मचारी नेताओं के बीच चली चार घंटे की सुलह वार्ता के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकल सका। वार्ता गुरुवार को भी जारी रहेगी।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष डा. अशोक सविता व राजकीय मेडिकल कालेज नर्सेज संघ की अध्यक्ष कुसुम मौर्या के नेतृत्व में मेडिकल कालेज के एक दर्जन कर्मचारी नेताओं व मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. पीके सिंह के मध्य प्रशासनिक भवन में दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक सुलह समझौते के लिए वार्ता के कई दौर चले। पर अंत तक समझौता नहीं हो पाया। इस प्रकरण में मेडिकल कालेज के प्राचार्य का कहना है कि उन्होंने कर्मचारियों की सभी मांगे मान ली हैं। मृत स्टाफ नर्स के परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेज दिया गया है। मृतक आश्रित के तहत उसके परिवार के एक सदस्य को मेडिकल कालेज में नौकरी भी दी जाएगी। इलाज में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच आने के बाद ही कोई कार्रवाई संभव हो पाएगी। कर्मचारियों की मांगे मान लेने के बाद अब उनके आंदोलन का कोई औचित्य नहीं बचा है। उधर नर्सेज संघ की अध्यक्ष कुसुम मौर्या का कहना है कि प्राचार्य कर्मचारियों को धोखे में रख रहे हैं। कर्मचारी सुलह वार्ता पर शाम को हस्ताक्षर करने को तैयार थे। कर्मचारियों की प्रमुख मांग थी कि मामले में आरोपी सर्जन डा. आईए अंसारी को पुन: डीडीओ पावर न दिया जाए।
उनके स्थान पर किसी भी अन्य चिकित्सक को वित्तीय पावर दे दिए जाएं। सर्जन के पास वित्तीय पावर रहने से कर्मचारियों को अपने उत्पीड़न होने का भय है। पर प्राचार्य ने उनकी यह बात नहीं मानी जिससे चार घंटे तक चली वार्ता के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकल पाया। वार्ता में संयुक्त कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष डा. अशोक सविता, डा. सुनील पाठक के अलावा अभिषेक यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।