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आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा मेडिकल कालेज

Thu, 14 Feb 2013 05:31 AM IST
Kannauj
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तिर्वा (कन्नौज)। डेढ़ माह का समय गुजर जाने के बाद भी राजकीय मेडिकल कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अभी तक वित्तीय अधिकार प्रदान नहीं किए हैं। इस वजह से मेडिकल कालेज प्रशासन इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। कर्मचारियों व चिकित्सकों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिल पाया है। इनमें कई चिकित्सक तो ऐसे हैं, जिन्हें किसी वजह से तीन माह से वेतन नहीं मिला है।
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राजकीय मेडिकल कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डा.संदीप कौशिक ने पूर्व प्राचार्य डा.एके गुप्ता के 31 दिसंबर 2012 को अवकाश ग्रहण कर लेने के बाद प्राचार्य पद का चार्ज संभाला था। तबसे डेढ़ माह का समय गुजर चुका है, मेडिकल कालेज में कार्यरत करीब पांच सौ कर्मचारियों व चिकित्सकों को माह दिसंबर व जनवरी का वेतन नहीं मिल पाया है। कई शिक्षा चिकित्सक व संविदा चिकित्सक ऐसे हैं, जिन्हें नवंबर माह का भी वेतन नहीं मिल पाया। सबसे अधिक दयनीय हालत तो संविदा पर काम कर रहे छोटे स्तर के कर्मचारियों की है। दुकानदारों ने इन्हें उधार देने से भी मना कर दिया है। इस वजह से इनके परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है। एक सप्ताह पहले स्टाफ नर्सेज संघ ने प्राचार्य को एक ज्ञापन देकर बकाया वेतन दिलाने की मांग रखी थी। वेतन न मिलने पर 12 फरवरी से हड़ताल पर जाने का भी अल्टीमेटम दिया था। इस हड़ताल को तो प्राचार्य ने अपने स्तर पर प्रयास करके टलवा दिया, पर कर्मचारियों को इस समस्या से अभी तक निजात नहीं मिल सकी है।वेतन के अलावा अन्य कई छुटपुट सामानों की खरीद-फरोख्त भी प्रभावित हो रही है। मेडिकल कालेज के स्टूडेंटस को भी कई सुविधाएं दी जानी है, पर वित्तीय पावर न होने की वजह से प्राचार्य स्टूडेंटस की सुविधाओं पर कोई निर्णय नहीं ले पा रहे हैं।
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