जालंधर के सेंट सोल्जर इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी के चार विद्यार्थियों की कैंपस प्लेसमेंट हुई।
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कक्षा नौ और 10 में पढ़ने वाले पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए खुशी की खबर है। प्रदेश सरकार ने उन्हें मिलने वाले सालाना वजीफा की धनराशि बढ़ाकर 2250 रुपये कर दी है। अभी तक वजीफा के रूप में सालाना मात्र 720 रुपये ही मिलते थे। वजीफा की धनराशि एक साथ बढ़ाकर तीन गुना से भी ज्यादा करने संबंधी शासनादेश जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजेश कुमार बघेल को प्राप्त हो गया है।
अभी तक वजीफा केवल यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को ही मिलता रहा है। लेकिन इस साल वित्तीय वर्ष 2016-17 में आईसीएससी व सीबीएससी बोर्ड को भी लाभ के दायरे में शामिल कर लिया गया है। नई नियमावली के तहत सीबीएसई व आईसीएससी बोर्ड के छात्र-छात्राएं भी आवेदन करके वजीफा पा सकते हैं।
वहीं दूसरे प्रदेशों के रहने वाले जो छात्र-छात्राएं उत्तर प्रदेश में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं उन्हें आगे से वजीफा की धनराशि प्राप्त नहीं होगी। क्योंकि नई नियमावली में वजीफे की पात्रता के लिए सिर्फ यूपी के मूल निवासी विद्यार्थियों को ही पात्र माना गया है। इसके अलावा अब एक ही मां-बाप की संतान जितने भी पात्र बालक-बालिकाएं होंगी उन्हें वजीफे का लाभ मिलेगा। एक ही परिवार के अधिकतम दो विद्यार्थियों को ही वजीफा मिलने का पुरानी शर्त हटा दी गई है।
इस साल बीत 31 मार्च तक जिन कालेजों को मान्यता मिल चुकी है, उन्हीं के छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं। वे अपने स्कूल कालेजों के विद्यार्थियों के डाटा को 15 मई तक सबमिट करके विभागीय आंकड़ों में जुड़वा सकते हैं। लाभार्थी के पिता की वार्षिक आय की सीमा 30 हजार रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है।
इस मामले में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजेश कुमार बघेल ने बताया कि शासन से जारी नई नियमावली प्राप्त हो गई है। इसका प्रचार प्रसार कराया जाएगा। वजीफा के लिए आनलाइन आवेदन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। संबंधित वेबसाइट पर ही आवेदन करना पड़ेगा। प्रपत्रों का सत्यापन भी आनलाइन होगा।