छिबरामऊ। जिले के विकास खंडों के निपुण विद्यालयों के आकलन की जिम्मेदारी डीएलएड प्रशिक्षुओं की 96 टीमों को सौंपी गई है। डायट सभागार में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण में डीएलएड प्रशिक्षुओं को निपुण लक्ष्य एप लॉगिन, वर्किंग, तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई है। डायट प्रवक्ता राजेश वर्मा ने बताया कि निपुण विद्यालय आकलन के लिए असेसमेंट रोस्टर बना लिया गया है। परीक्षक के रूप में डीएलएल प्रशिक्षुओं को ब्लॉक और विद्यालयों का आवंटन किया जा चुका है।
दो-दो प्रशिक्षुओं की 96 टीमें जिले के सभी विकास खंडों के 401 विद्यालयों का निपुण लक्ष्य से आकलन करेंगे। दो चरणों में जिले के सभी प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में कक्षा एक और दो के बच्चों का आकलन किया जाएगा।
पहला चरण 20 से 23 दिसंबर तक उन विद्यालयों का असेसमेंट किया जाएगा, जिनके प्रधानाध्यापकों ने इसी माह में ही विद्यालयों के आकलन के लिए नामांकन किया है। असेसमेंट के लिए दूसरा चरण फरवरी 2025 में प्रस्तावित है।
बीईओ आनंद द्विवेदी ने कहा कि प्रशिक्षु आकलन से पहले बच्चों को अपने आत्मीय व्यवहार से सहज करें, जिससे वे बेझिझक होकर प्रश्नों के उत्तर दे सकें।
इससे पहले राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर राज्य संदर्भदाता समूह के संजीव कटियार, अमित मिश्रा व विकास कुमारी दीक्षित ने डायट लेड असेसमेंट से संबंधित प्रशिक्षण दिया।