उमर्दा। बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति में यूरिया के लिए मंगलवार सुबह सात बजे से किसानों की लंबी कतार लग गई। समिति का ताला खुला तो पता चला कि मात्र 300 बोरी यूरिया है, जबकि 900 किसान लाइन में लगे थे। यूरिया की अगली खेप कब आएगी, इसकी जानकारी समिति के अधिकारियों को भी नहीं हैं। समिति पर 700 यूरिया उपलब्ध कराई गई थी, जिसमें से सोमवार को 400 बोरी का वितरण किया गया था।
समिति का ताला 10 बजे जब खुला तो यूरिया खाद दो घंटे में खत्म हो गई। खाद की आस में लाइन लगे किसान हताश हो गए और मायूस होकर लौट गए। किसान अमित यादव, ज्ञानचंद, हलीम खान ने बताया कि पूरे दिन यूरिया के लिए खतौनी व आधार लेकर भटक रहे पर यूरिया नहीं मिली। दुर्योधन सिंह, बदन सिंह का कहना है कि पांच दिन से वह यूरिया के लिए भटक रहे हैं।
निजी उर्वरक विक्रेता एक बोरी यूरिया और जिंक लगाकर 500 रुपये की दे रहे हैं। इस कारण समिति पर भीड़ लग रही है। किसान गोवर्धन पाल, बबलू यादव का कहना है कि प्रशासन केवल यूरिया उपलब्ध होने का दावा कर रहा है, लेकिन मौके की स्थिति अलग है। समिति के सचिव अमर सिंह ने बताया कि 700 बोरी यूरिया उपलब्ध थी, जिसका वितरण हो चुका है। 500 बोरी की डिमांड की गई है, मिलते ही वितरण किया जाएगा।