छिबरामऊ। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के लिए समाज कल्याण विभाग ने तैयारी शुरू कर दी हैं। जांच में पात्र 87 जोड़े 13 नवंबर को दांपत्य बंधन में बंधकर एक-दूसरे का हाथ थामेंगे। हालांकि, विवाह समारोह के लिए अभी तक स्थान का चयन नहीं हो पाया है। वहीं, सूत्रों की मानें तो पिछले आयोजनों की तरह इस बार भी तालग्राम में ही समारोह के आयोजन की संभावनाएं अधिक हैं।
एडीओ समाज कल्याण शिशुपाल सिंह ने बताया कि छिबरामऊ विकास खंड की 96 ग्राम सभाओं से 10 सितंबर तक 138 जोड़ों ने समारोह में विवाह के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। पंचायत सचिवों की जांच रिपोर्ट में 87 जोड़े पात्र हैं। शेष में कुछ की पहले ही शादी हो चुकी है और कुछ की आयु 18 साल से कम होने के कारण आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। पात्र जोड़ों की पोर्टल पर फीड़िंग का काम शुरू कर दिया गया है। बीडीओ दीपांकर आर्य ने बताया कि इस वर्ष योजना में जरूरी परिवर्तन किया गया है। अब योजना का लाभ लेने वाले वर-वधू का बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कर पहले सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही सात फेरे लगेंगे।
इससे योजना में पारदर्शित आएगी और दूल्हा या दुल्हन में से किसी के भी नाम यदि पहले अनुदान जारी हुआ होगा तो वह स्पष्ट हो जाएगा। साथ ही दूल्हा-दुल्हन की सही पहचान होने का सत्यापन भी हो जाएगा। इसमें कई लोग गलत सूचनाएं अंकित करवाकर फर्जीवाड़ा कर लेते थे पर अब ऐसा नहीं होगा। पहले योजना के तहत 51 हजार रुपये का लाभ मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब एक लाख कर दिया गया है। पहले उपहार के रूप में 14 उपहार दिए जाते थे। इस बार गद्दा, कढाही, पांच साड़ी, दीवार घड़ी, वाटर कूलर सहित कुल 24 आइटम दिए जाएंगे।
फोटो एल्बम व पगड़ी भी मिलेगी
कार्यक्रम में जयमाल, फेरे, सिंदूरदान, कन्यादान, परिवार के साथ सेल्फी प्वाइंट, निकाह के लिए परिवार के साथ वर-वधू की संयुक्त फोटो हस्ताक्षर करते समय, विदाई के समय व सेल्फी प्वाइंट की फोटो दी जाएगी। विवाह के लिए दो नग गुलाब फूल की जयमाल और निकाह के लिए सेहरा बेला-चमेली के फूल उपलब्ध कराए जाएंगे। पगड़ी के साथ पुजारी व मौलवी की दक्षिणा का भी प्रावधान है।