जिले के 13 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित हुई। इस दौरान छात्रों पर निगहबानी
के लिए प्रशासन ने कई टीमों का गठन कर छापामारी कराई। हालांकि, दोनों
पालियों में आयोजित हुई परीक्षा में कोई भी परीक्षार्थी नकल करते हुए नहीं
मिला। सुबह व शाम की पाली में 860 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे हैं।
टीईटी
के लिए कन्नौज तहसील में केके इंटर कालेज, एसबीएस इंटर कालेज, मुस्लिम
मोहम्मदिया इंटर कालेज, लाला श्यामलाल इंटर कालेज, केकेसीएन इंटर कालेज,
राजकीय महिला डिग्री कालेज बांगर, पीएसएम डिग्री कालेज को सेंटर बनाया गया
था। तिर्वा तहसील में किसान किसान इंटर कालेज व डीएन इंटर कालेज सेंटर बने।
छिबरामऊ तहसील में नेहरू डिग्री कालेज, हीरालाल वीएन इंटर कालेज, जेडी
जनता इंटर कालेज में परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसके अलावा शाम की पाली
में राजकीय महिला डिग्री कालेज, किसान इंटर कालेज, जेडी जनता इंटर कालेज,
हीरालाल वीएन इंटर कालेज में परीक्षा आयोजित हुई।
डीएम अनुज झा ने नकल
विहीन परीक्षा कराने के लिए हर केंद्र पर दो पर्यवेक्षक, दो सेंटरों पर एक
सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया। इसके अलावा कन्नौज तहसील में एसडीएम सुनील
शुक्ला, तिर्वा में एसडीएम उदयवीर सिंह, छिबरामऊ में महेश दीक्षित को जोनल
मजिस्ट्रेट बनाया गया।
सचल दल में प्राचार्य डायट, बीएसए रामकरन यादव को
रखा गया। एडीएम संतोष वैश्य, एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य, डीआईओएस केपी सिंह
यादव ने कई परीक्षा केंद्रों में पहुंचकर निरीक्षण किया। प्रथम पाली में
पंजीकृत 6,733 में 6,191 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। 542 ने परीक्षा नहीं दी।
शाम की पाली में 2854 परीक्षार्थी पंजीकृत थे।
इसमें 318 गैर हाजिर रहे।
उधर, तिर्वा के डीएन इंटर कालेज में सिर्फ सुबह की पाली में परीक्षा का
आयोजन हुआ। इसमें 600 अभ्यर्थी शामिल रहे। किसान इंटर कालेज में प्रथम पाली
में 700 अभ्यर्थी व द्वितीय पाली में 700 अभ्यर्थियों ने परीक्षाएं दी।
डीएन
इंटर कालेज में परीक्षा के दौरान टीचरों ने गेट पर ही सभी अभ्यर्थियों की
तलाशी ली। उन्हें मोबाइल भी नहीं ले जाने दिया गया। इसी तरह किसान इंटर
कालेज में भी सघन चेकिंग कराई गई। एसडीएम उदयवीर सिंह व बीडीओ उमर्दा
रामउदरेज यादव ने दोनों परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
इस दौरान किसान
इंटर कालेज में ड्यूटी पर आई परिषदीय स्कूलों की कई टीचरों ने
प्रधानाचार्य पर आरोप जड़ा कि उनकी ड्यूटी जानबूझकर नहीं लगाई गई है।
उन्हें सोमवार को ट्रेनिंग भी दी गई थी। मंगलवार को जब ड्यूटी पर आई तो
उनके स्थान पर मान्यता प्राप्त स्कूलों के टीचर लगा दिए गए।