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80 नलकूपों का ढिढोरा, अफसरों का वादा कोरा

Sun, 29 Mar 2015 12:03 AM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
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जिले के अफसरों का हर वादा कोरा साबित हो रहा है। अफसरों की ढ़िलाई एवं सियासतदानों की लापरवाही का नजीता है कि 80 नलकूप लगाने की कवायद फेल हो गई। सरकार की ओर से इन नलकूपों से करीब 50 हजार बीघा कृषि भूमि को सिंचित बनाने की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जिले के अफसर करीब छह माह से इन नलकूपों का ढिंढोरा पीट रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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करीब छह माह पहले जिले में 80 नए नलकूप लगाने का ढिंढोरा पीटा गया। किसानों को यह सपने दिखाए गए कि 80 नलकूप लगने से करीब 50 हजार बीघा खेत को भरपूर पानी मिल जाएगा। नलकूप खंड के सूत्रों के अनुसार पिछले साल सिंचाई संकट के समाधान के लिए त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत नलकूप स्थापना की कार्ययोजना बनाई गई थी। एक नलकूप की लागत 26 लाख 94 हजार रुपये आंकी गई थी।

इसकी औसत बोरिंग 155 मीटर प्रस्तावित की गई। एक नलकूप से करीब 50 हेक्टेयर मतलब 625 बीघा कृषि क्षेत्रफल को पानी मिलना था। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 80 नलकूप लगने थे, जिसके लिए कुल 21 करोड़ 55 लाख रुपये के स्टीमेट तैयार करके भेजा गया था। अफसरों से लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं तक ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए जनता के बीच वाहवाही लूटी, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी यह प्रोजेक्ट अधर में लटका है।
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ठेकेदारी का पेंच तो नहीं
सूत्रों की मानें तो नलकूप लगाने का काम नलकूप खंड खुद करता है, जिस कारण राजनैतिक ठेकेदारों को ठेका नहीं मिल पाता है। ऐसी स्थिति में इस प्रोजेक्ट को लेकर न तो सत्तापक्ष रुचि ले रहा है और न ही विपक्ष के सियासतदां इसे मुद्दा बना रहे हैं। ऐसी स्थिति में अफसर भी मौजा ही मौजा खेल रहे हैँ। मार्च के महीने में अन्य विकास कार्यों पर दिल खोलकर बजट आवंटित किया जा रहा है पर किसानों से जुड़े मुद्दे पर कंजूसी बरती जा रही है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
 सीएम के संदर्भ का यह प्रोजेक्ट सचिव मुख्यमंत्री उप्र शासन के अलावा प्रमुख सचिव नियोजन, प्रमुख अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन, मुख्य अभियंता को भेजा जा चुका है। इसे स्वीकृत कराने के लिए लगातार लिखा-पढ़ी चल रही है।-- एके त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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नलकूप खंड के अफसरों से पता करेंगे कि ट्यूबवेल स्थापित करने की योजना क्यों मंजूर नहीं हो पा रही है। जो भी बाधाएं हैं उन्हें दूर कराएंगे। जरूरत पड़ी तो प्रमुख सचिव स्तर व मुख्यमंत्री कार्यालय से वार्ता करके किसानों के खेतों को पानी देने वाली नलकूप निर्माण योजना के लिए बजट आवंटन का प्रयास करेंगे।
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-रमेश चंद्र यादव, एडीएम, कन्नौज।
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