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660 की क्षमता वाली जेल में 740 कैदी

Sun, 26 Mar 2017 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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जिला कारागार अनौगी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे है। कई बार गुटबाजी के चलते मारपीट की घटनाओं व बवाल के बाद भी जेल प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। कैदियों से ओवरफ्लो हुई जेल में सुरक्षा व्यवस्थाओं व नियम कायदों को ताक पर रखा जाता है। सूत्रों की माने तो जेल में आएदिन छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन ये घटनाएं जेल के अंदर ही कैद रह जाती हैं।
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अव्यवस्थाओं और कैदियों के उपद्रव ये अनौगी जेल प्रदेश भर में खासी चर्चित है। जेल में कुख्यात कैदियों के समूह में वर्चस्व के लिए होने वाले संघर्ष को लेकर जेल प्रशासन हमेशा चिंतित रहता है। मौजूदा समय में जेल के हालात बेहद संवेदनशील है। कारण जिला जेल अनौगी कैदियों की संख्या से ओवरफ्लो है। इस समय जेल में करीब 740 कैदी बंद हैं। जबकि जिला जेल में कैदियों की क्षमता महज 660 ही हैं।

कैदियों की सुरक्षा और बाहरी तत्वों की निगरानी के लिए जेल परिसर में करीब 40 रिजर्व बंदी रक्षक और 30 सिपाही व 15 होमगार्ड तैनात हैं। जेल में सुरक्षाकर्मियों की कम संख्या के चलते अक्सर कमजोर कैदी गुटबाजी का शिकार हो जाते हैं, या तो फिर कुख्यात कैदियों की प्रताड़ना व मारपीट की घटनाओं से तंग आकर आत्महत्या कर लेते हैं। इससे पहले भी जेल में कई बार कैदी आत्महत्या की चुके हैं। जबकि जेल में अव्यवस्थाओं के चलते अनगिनत बवाल व पथराव की घटनाएं हो चुकी है।
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पूर्व में जिला जेल में हुई घटनाएं
19 अक्टूबर 2012: छात्र का अपहरण कर हत्या के आरोप में बंद तिर्वा निवासी शिक्षक अमित सविता ने की आत्महत्या, कैदियों ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाकर किया था बवाल।
10 अगस्त 2013: हत्या के आरोप में बंद केड़री गांव निवासी कमलेश कुमार का शौचालय के पाइप में लटकता मिला शव, कैदियों ने जेल की बैरकाें में तोड़फोड़ कर किया था प्रदर्शन
26 फरवरी 2014: जेल में  दो गुटों के बीच हुआ था खूनी संघर्ष, आधा दर्जन से अधिक घायल हुए थे कैदी।
04 फरवरी 2015: पत्नी की हत्या के आरोप में सजा काट रहे हरिओम निवासी नौरंगपुर गुरसहायगंज का बैरक में संदिग्ध हालत में मिला था शव, कैदियों ने जेलर पर हत्या का आरोप लगाकर 24 घंटे तक जेल को कब्जे में लेकर किया था बवाल।

कोट
जेल में कैदियों के खाने-पीने से लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर है। कैदियों को पौष्टिक आहार दिया जाता है। इसके अलावा प्रतिदिन कैदियों की शिकायतों को सुनने के बाद उनका निस्तारण भी किया जाता है।
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- यूपी मिश्रा, जेल अधीक्षक
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