सहकारिता विभाग में कर्जदार किसानों की सूची तैयार की जा रही है। इसे तैयार होने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा। फिलहाल क्षेत्र की सभी चारों सहकारी समितियों में लगभग 700 किसानों पर 12 करोड़ से अधिक की कर्जदारी है।
सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में कोऑपरेटिव बैंक शाखा से जुड़ी चार सहकारी समितियां हैं, जिनमें किसान सेवा सहकारी समिति लि.छिबरामऊ पूर्वी व पश्चिमी, सिकंदरपुर व प्रेमपुर शामिल हैं। इन सहकारी समितियों पर किसानों को बतौर ऋण पर खाद उपलब्ध कराई जाती है। चारो समितियों के सचिवों को कर्जदार किसानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह सूची जिला सहायक निबंधक (सहकारिता) द्वारा मांगी गई हैं। इन चारो सहकारी समितियों पर लगभग 700 किसान ऐसे हैं, जिन पर कोआपरेटिव बैंक का करीब 12 करोड़ रुपए का कर्ज है। उन्होंने बताया कि कर्जदार किसानों को चार भागों में विभाजित किया गया है, जिसमें पहली सूची में वर्ष 2016 से लेकर 2012 तक, दूसरी सूची में 2012 से लेकर 2007 तक, तीसरी सूची में 2007 से लेकर 2000 तक और चौथी सूची में वर्ष 2000 से लेकर पिछले सभी वर्षों की कर्जदारी का उल्लेख किया जाएगा।
हालांकि उन्होंने प्रदेश सरकार की कर्जमाफी नहीं बल्कि वित्तीय वर्ष के अंत के दौरान वार्षिक लेखा-जोखा बताया, लेकिन इसे कर्जमाफी योजना से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो शासन की ओर से यह खाका तैयार किया जा रहा है कि कर्जमाफी योजना में प्रदेश सरकार को कितना बजट निर्धारित करना पड़ेगा। इसके आंकलन के लिए सभी विभागों को कर्जदार किसानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।