तिर्वा। सीलिंग से प्रभावित जमीन पर खड़ी फसल को लेकर प्रशासन ने शनिवार को कार्रवाई की। राजस्व टीम ने कटाई के बाद बोरों में भरी 65 पैकेट धान जब्त कर तहसील में जमा करा दी। खेत में बिखरे पड़े धान को छोड़ दिया। नायब तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि जब्त धान की खुली नीलामी कराई जाएगी और उससे प्राप्त धनराशि राजस्व विभाग में जमा होगी।
कस्बे के अशोक नगर, बरधइया रोड निवासी बाबू सिंह ने बताया कि उन्होंने राजघराने से 15 बीघा खेत एक वर्ष के लिए लगान पर लिया है। जून 2026 में 11 हजार रुपये प्रति बीघा की दर से खेत लिया था। इसमें धान की फसल बोई गई थी। दोपहर में मशीन से धान की कटाई कराकर बोरों में भराई कर रहे थे। दोपहर तक 65 पैकेट धान भर चुके थे।
इसी दौरान नायब तहसीलदार अमित कुमार पाठक, राजस्व टीम तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मौके पर पहुंच गए। टीम ने जमीन सीलिंग से प्रभावित होने की बात कहते हुए बोरों में भरी धान को ट्रॉलियों में लदवा लिया। बाबू सिंह के मुताबिक, करीब 100 पैकेट धान अभी बोरों में नहीं भरी गई थी। खेत में बिखरी पड़ी धान को टीम छोड़कर चली गई।
किसानों ने लगान वापस कराने की मांग की
खजुहा गांव निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि उन्होंने 10 बीघा खेत 1.10 लाख रुपये में लगान पर लिया है। इसमें धान की फसल है, जिसकी अभी कटाई नहीं हुई है। शरीफापुर गांव निवासी बबलू राठौर ने बताया कि उन्होंने 11 बीघा खेत 1.21 लाख रुपये में लिया है और उसमें आलू की बोआई करने की तैयारी है। खजुहा निवासी अरुण कुमार ने 30 बीघा खेत लगान पर लेने की बात कही। वहीं, कन्नौज निवासी सुखराम ने बताया कि उन्होंने 18 बीघा खेत लेकर उसमें सरसों की बोआई की है। किसानों का कहना है कि यदि संबंधित खेत सीलिंग से प्रभावित हैं तो उन्हें लगान पर ली गई जमीन के बदले दी गई धनराशि वापस कराई जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वे खेत छोड़ने को तैयार हैं।
फसल बोआई पर कार्रवाई की चेतावनी
नायब तहसीलदार अमित कुमार पाठक ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। शेष धान को हिदायत देकर छोड़ दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी समय में इन खेतों पर फसल बोई गई तो प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जब्त धान तहसील में रखी गई है। इसकी खुली नीलामी कराकर प्राप्त धनराशि राजस्व विभाग में जमा कराई जाएगी।