आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हादसों पर रोक लगाने के लिए यूपीडा ने वाहनों की रफ्तार का आकलन करने के लिए जगह-जगह कैमरे लगवा दिए हैं। वाहनों की तेज गति को देखकर उनका चालान काट कर घरों पर पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति होने के बाद भी वाहन चालकों द्वारा तेज गति से वाहन चलाने पर हो रहे हादसे पर रोक लगाने के लिए यूपीडा ने वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए लखनऊ से आगरा तक जगह-जगह कैमरे लगवाए हैं।
यह एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार दर्ज कर सकेंगे। तेज रफ्तार में चलने पर एक्सप्रेस-वे पर लगे कैमरों की मदद से इन वाहनों की निगरानी की जाएगी। कैमरों के सामने से गुजरने पर गाड़ियों के नंबर प्लेट और उनकी रफ्तार सेंसर के माध्यम से कैमरों मे कैद हो रही है।
तेज रफ्तार में चलने पर कैमरों की मदद से उनका चालान करना शुरू कर दिया गया है। अब अगर किसी भी वाहन चालक ने एक्सप्रेस-वे रफ्तार पकड़ी तो उसका चालान कट कर उसके गाड़ी पर दर्ज नंबर के आधार पर चालान रसीद भेज दी जाएगी।
एक्सप्रेस-वे के सुरक्षा अधिकारी जय कुमार ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर तेज गति से चलने वाले सभी वाहनों को जगह-जगह लगे कैमरों द्वारा चिह्नित किया जा रहा है। निर्धारित गति से अधिक चलने पर वाहनों के चालान काट कर चालकों उनके आवासों पर भेजे जा रहे हैं। चालान का पैसा वाहन चालक ई पेमेंट द्वारा भी जमा कर सकते हैं।