अमर उजाला ब्यूरो
तिर्वा।
राजकीय मेडिकल कालेज में कार्यरत जूनियर व सीनियर रेजीडेंट चिकित्सकाें की हड़ताल रंग लाई। हड़ताल का मामला शासन तक पहुंचा तो फटाफट बजट स्वीकृत हुआ। शुक्रवार की सुबह डीजीएमई कार्यालय से प्राचार्य कार्यालय को मेल भेजकर बजट स्वीकृत होने की जानकारी दी गई। बकाया वेतन के लिए 5.5 करोड़ की धनराशि कोषागार के खाते में हस्तांतरित कर दी गई है। इस पर प्राचार्य ने तत्काल हड़ताली डाक्टरों को बुलाया। कार्यालय में वार्ता की। आश्वासन दिया कि सोमवार को डाक्टरों का बकाया वेतन मिल जाएगा। इस पर डाक्टरों ने अपनी हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया। श्ुाक्रवार को पूरे दिन ओपीडी में विधिवत काम-काज हुआ। जूनियर व सीनियर डाक्टरों ने ओपीडी में मरीज को देखकर उन्हें दवाइयां लिखीं।
मेडिकल कालेज में कार्यरत 65 जूनियर व सीनियर रेजीडेंट चिकित्सक पांच माह के बकाया वेतन को लेकर पिछले एक सप्ताह से लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। डाक्टरों ने पांच दिन अपने हाथाें में काली पट्टी बांधकर ओपीडी गेट के बाहर मरीजों का उपचार किया। बुधवार की दोपहर 12 बजे के बाद हड़ताल का ऐलान कर दिया गया। गुरुवार को डाक्टरों ने इमरजेंसी समेत सभी विभागाें में काम-काज बंद रखा। डाक्टरों की हड़ताल से मेडिकल कालेज की व्यवस्थाएं बाधित हो गई। गुरुवार को पूरे दिन मरीजों को दिक्कताें का सामना करना पड़ा। प्राचार्य व सीएमएस ने हड़ताली डाक्टरों को बुलाकर करीब एक घंटे तक समझाया था। इसके बावजूद भी हड़ताल जारी रही। डाक्टरों की हड़ताल से निपटने के लिए प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने जिले के सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप को पत्र भेजकर इमरजेंसी सेवा के लिए छह डाक्टरों की मांग रखी। साथ ही जीएसवीएम मेडिकल कालेज कानपुर के प्राचार्य डा. नवनीत कुमार को पत्र लिखकर कन्नौज मेडिकल कालेज के संबद्ध सीनियर डाक्टरों को तत्काल कन्नौज भेजने को कहा। सीएमओ कार्यालय से शुक्रवार को विनोदी दीक्षित चिकित्सालय कन्नौज के डा. बृजेश शुक्ला, पीएचसी ठठिया के डा. नीरज शाक्य व सीएचसी तिर्वा के डाक्टर जितेंद्र कुमार नाग व डाक्टर कविता वाजपेई की ड्यूटी मेडिकल कालेज में लगा दी गई। कानपुर मेडिकल कालेज से भी चार डाक्टरों को कन्नौज मेडिकल कालेज के लिए भेजा गया। शुक्रवार की सुबह नौ बजे के करीब प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डा. केके गुप्ता ने प्राचार्य को मेल भेजकर बजट स्वीकृत कर धनराशि कोषागार कन्नौज में भेजे जाने की जानकारी दी। डाक्टरों की हड़ताल खत्म हो जाने के बाद कानपुर व कन्नौज से आए डाक्टरों को वापस भेज दिया गया। शुक्रवार को ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ रही। 1056 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन काउंटर पर उपचार के लिए अपना पंजीकरण कराया। दोपहर दो बजे तक डाक्टरों ने सभी मरीजों को देखा।
तीन-तीन माह का हो जाएगा भुगतान
तिर्वा। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने बताया कि शासन ने 7.5 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। इसमें 5.5 करोड़ का बजट 65 जेआर व एसआर के लिए है। दो करोड़ का बजट मेडिकल कालेज की आउटसोर्सिंग सेवा में लगे करीब 300 कर्मचारियों के लिए है। प्राचार्य के मुताबिक इस बजट से डाक्टरों व आउटसोर्सिंग सेवा के कर्मचारियों को तीन-तीन माह का भुगतान दे दिया जाएगा। शेष भुगतान के लिए फिर से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
डाक्टरों की हड़ताल रंग लाई
-शासन ने फ टाफट बजट स्वीकृत कर भेजी 7.5 करोड़ की धनराशि
-मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का किया ऐलान
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