कन्नौज। एक ओर सरकार गरीबों को पीएम और सीएम आवास आवंटित कर रही है। इसके लिए सरकारी दावे भी किए जा रहे है। इसके बावजूद विकासखंड हसेरन के मौजा कलसान के प्रेमपुर गांव निवासी गरीब बेसहारा दंपती ने फूस की झोपड़ी में जीवन के 45 साल गुजार दिए। सिस्टम की अनदेखी व स्थानीय जिम्मेदारों की मनमानी से यह दंपती आज तक आवास पाने के लिए भटक रहे हैं।
मौजा कलसान के प्रेमपुर गांव निवासी राणा प्रताप (45) पत्नी गुड्डी के साथ गांव में झोपड़ी बनाकर रहते हैं। भूमिहीन व निराश्रित होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। सरकार द्वारा सभी गरीबों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है, लेकिन इस योजना का लाभ पाने में भी गरीबी व कमजोरी इनके आड़े आ गई। कई बार ग्राम प्रधान व वीडीओ को समस्या से अवगत कराया और आवास के लिए गुहार लगाई, पर सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन गरीब दंपती झोपड़ी में रहकर जीवन यापन कर रहे हैं। खाने पीने की तंगी के साथ जान का जोखिम बना हुआ है, वहीं बरसात में पूरी झोपड़ी टपकने से चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं। वीडीओ कलसान विशाल सिंह का कहना है कि दो माह पहले ही ग्रामसभा का चार्ज मिला है। पीएम आवास के लिए सर्वे पहले ही हो चुका है, यदि लाभार्थी सूची में नाम होगा तो आवास योजना का लाभ अवश्य दिलाया जाएगा। वर्तमान में मुख्यमंत्री आवास योजना का सर्वे चल रहा है पर उसकी पात्रता श्रेणी में नहीं आते हैं। (संवाद)