कन्नौज। लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी अन्य दलों के प्रत्याशियों की निजी जिंदगी पर बयानबाजी से बचें। आलोचना करने वाले नेताओं के खिलाफ कदम उठाए जा सकते हैं। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गए पत्रों में इन निर्देशों को स्पष्ट किया है।
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के जिम्मेदारों व प्रत्याशियों को सतर्क करते हुए कहा है कि जनता के बीच गए कई नेता पार्टी की नीतियों, उपलब्धियों एवं चुनावी मुद्दे को भूल जाते हैं। उनकी बयानबाजी में विपक्षी नेताओं के लिए कटुता दिखने लगती है। उनकी जीवन के निजी पहलुओं पर टीका टिप्पणी आधारहीन तथ्यों पर आधारित होती है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से ऐसी टिप्पणियों से बचने के लिए कहा है। विभिन्न धार्मिक या भाषायी समूहों के बीच तनाव की स्थिति की आशंका न बनने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि आचार संहिता से संबंधित निर्देशों से राजनीतिक दलों को अवगत कराया गया है।
अन्य दलों के पोस्टर हटाने से बचें
आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा की है कि आचार संहिता का कड़ाई से पालन किया जाए। सभाओं, जुलूसों को आचार संहिता के दायरे में रखें। जिला प्रशासन की अनुमति लेकर कार्यक्रम करें। ध्यान रखा जाए कि जुलूस व सभाओं में किसी तरह की शांतिभंग न हो। सभाओं में पोस्टर आदि किसी राजनीतिक दल द्वारा लगाए गए हैं तो उन्हें ही यह बैनर पोस्टर हटाने होंगे। अन्य दल इन बैनर, पोस्टरों को न हटाएं। इससे विवाद पैदा होने की आशंका रहती है।