अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। पीएसएम महाविद्यालय के छात्र नेताओं के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। छात्र संघ चुनाव के प्रचार-प्रसार में छात्र नेता दो माह से रता-दिन एक किए हुए थे। जिला प्रशासन से मिलकर चुनाव की तिथियां घोषित कराए जाने की मांग भी कर चुके थे। अब महाविद्यालय प्राचार्य ने न्यायालय के स्थगन आदेश का हवाला देकर छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी है।
पिछले वर्ष पीएसएम महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए। इस बार छात्र नेताओं ने छात्रसंघ चुनाव कराए जाने के लिए दोबारा कमर कसी। कई छात्र नेताओं ने दावेदारी पेश करते हुए महाविद्यालय परिसर को होर्डिंग, पोस्टर, बैनर से पाट दिया। वोटरों के बीच अपनी पैठ भी बनानी शुरू कर दी।
पीएसएम कालेज की प्राचार्य सुनीति मिश्रा ने आदेश जारी करते हुए हवाला दिया कि विश्वविद्यालय से प्राप्त उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश (स्टे आर्डर) के तहत चुनाव कराया जाना संभव नहीं है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चंदन यादव का कहना है कि वह कोर्ट के आर्डर का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन महाविद्यालय प्रशासन न्यायालय का स्थगन आदेश का आर्डर 13-9-2012 का दिखा रहा है, जबकि इन वर्षों में लगातार चुनाव आयोजित हुए हैं। वर्ष 2017 में केवल चुनाव नहीं हुआ है। वह चुनाव कराए जाने के लिए महाविद्यालय में अनशन के अलावा कोर्ट की शरण लेंगे।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजीव ठाकुर ने कहा कि वह छात्र हितों के लिए अनशन करेंगे। छात्रसंघ चुनाव हर हाल में होगे। छात्रों का एक प्रतिनिधि मंडल जिले के प्रभारी मंत्री से मिलकर चुनाव कराए जाने की मांग जल्द रखेगा। ताकि सरकार इस मसले पर कोई निष्कर्ष निकाल सके।
पीएसएम कालेज के छात्र नेताओं की मेहनत पर फिरा पानी
प्राचार्य ने न्यायालय के स्थगन आदेश का हवाला देकर चुनाव पर लगाई रोक
पिछले दो माह से चुनावों के लिए छात्र नेता कर रहे थे चुनाव-प्रचार