जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 2408 वाद आए जिसमें 383 मुकदमों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कर 3180447 रूपए आदेशित किए गए। साथ ही प्री-लिटिगेशन व बैंक स्तर के 845 मुकदमों का निस्तारण कराकर 2299000 रुपये की धनराशि वसूली गयी।
उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला जज रमेश तिवारी की अध्यक्षता में रविवार की सुबह 10.30 बजे से मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें वादकारियों व प्रतिवादियों ने काफी संख्या में भाग लिया। बैंक स्तर पर लंबित मुकदमों की सुनवाई कर बकाया पैसा जमा कराकर निस्तारण कराया गया।
सुलह-समझौते के आधार पर वादों के निस्तारण में संधिकर्ता व बैंक शाखा प्रबंधकों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं का भी सहयोग लिया गया। वादकारी राजेश कुमार, मालती देवी, रामविलास, सविता देवी, राजेंद्र सिंह, विनोद कुमारी, बिंदू तिवारी, सीता, नीतू, मंजू देवी एवं अन्य वादकारियों के बीच 2423960 रूपए की चेक एवं एफडीआर का वितरण किया गया।
इस मौके पर एडीजे प्रथम तरूण कुमार सक्सेना, परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश डा. अनुपमा गोपाल निगम, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी चंद्रभूषण सिंह, एडीजे चतुर्थ रामकृपाल, सीजेएम देवकांत शुक्ला सहित काफी न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।