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Kannauj News: मतदाता बनने को 27 हजार आवेदन, जेंडर रेशियो बढ़ाने पर जोर

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कन्नौज। जिले में एसआईआर के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष सघन पुनरीक्षण-2026 का कार्य प्रगति पर है। इस प्रक्रिया के तहत, 27 जनवरी से दो फरवरी तक प्राप्त प्रपत्र-6, 7 एवं 8 की सूचियों को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को साप्ताहिक रूप से उपलब्ध करा दिया गया है। वहीं, बुधवार तक 27 हजार नए आवेदन प्राप्त हो चुके है। इसमें जेंडर रेशियो बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
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जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से यह अनुरोध किया गया है कि वह प्राप्त दावों और आपत्तियों को स्वयं अथवा अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से छह फरवरी 2026 तक संबंधित बीएलओ को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दें। इससे समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह कदम मतदाता सूची की सटीकता और पूर्णता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि आलेख्य प्रकाशन की अवधि, जो छह जनवरी चार फरवरी तक थी। इस दौरान जनपद की विधानसभा क्षेत्र 196-छिबरामऊ में फॉर्म-6 के तहत 10,424, फॉर्म-7 के तहत 721 और फॉर्म-8 के तहत 2,898 आवेदन प्राप्त हुए। विधानसभा क्षेत्र 197-तिर्वा में फॉर्म-6 के 8,281, फॉर्म-7 के 168 और फॉर्म-8 के 1,436 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं, विधानसभा क्षेत्र 198-कन्नौज में फॉर्म-6 के 8,338, फॉर्म-7 के 176 और फॉर्म-8 के 1,684 आवेदन प्राप्त हुए। इस पूरी अवधि में जनपद स्तर पर कुल 27,043 प्रारूप भरे जा चुके हैं।
महिला मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष जोर

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बिनीत कटियार ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से जेंडर रेशियो में वृद्धि के उद्देश्य से अधिक से अधिक महिला मतदाताओं के पंजीकरण में सक्रिय सहयोग प्रदान करने के लिए कहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक संतुलित और समावेशी मतदाता सूची के निर्माण के लिए महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्रयास न केवल चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करेगा, बल्कि समाज में लैंगिक समानता को भी बढ़ावा देगा।
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दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में सरलीकरण

डीएम ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब मतदाताओं द्वारा अपलोड किए जा रहे दस्तावेजों के सत्यापन के लिए डीईओ (जिला निर्वाचन अधिकारी) पोर्टल से वैधता सत्यापन की प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है। यह सत्यापन अब ईआरओ (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) एईआरओ (सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) स्तर पर सीधे किया जाएगा। इस बदलाव से पूरी प्रक्रिया अधिक सरल, त्वरित और पारदर्शी होगी, जिससे मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से मुक्ति मिलेगी और वे आसानी से अपना पंजीकरण करा सकेंगे। यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है।
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