दवा वितरित करती डाक्टरों की टीम।
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विकास खंड तालग्राम के गांव मझैया में संक्रामक रोग से तीन की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा जागा। रविवार को जिला अधिकारी के निर्देश के बाद सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर 250 रोगियों का चेकअप कर दवाएं बांटी। 38 रोगियों के खून की जांच की गई है। एमओआईसी के न आने पर सीएमओ ने उन्हें एक सप्ताह के अंदर हटाने की बात कही है। वहीं, डीपीआरओ इंद्रपाल सोनकर सफाई कर्मियों के साथ गांव पहुंचे और अपनी देखरेख में पूरे गांव की सफाई करवाई। इसके साथ ही गांव में प्रथम शौचालय का निर्माण कार्य भी शुरू करवा दिया गया।
मझैया गांव में संक्रामक रोग की चपेट में आने वाले ग्रामीणों की संख्या में रविवार को भी इजाफा हुआ। रविवार को नए रोगियों में राधा देवी (9), जसोदा (3), राजकुमारी (40), अंकित (02), निधि (13), मधु (16), शीलू (09), मीना देवी (45), सपना (18), नेकराम (30), राखी (19), जगरानी (50), अखिलेश कुमार (20) समेत गांव में रोगियों की संख्या 250 के पार पहुंच गई। शनिवार की शाम डा. तरुण गुप्ता की अगुवाई में डा. मौसीन जमा खां, प्रभाकांत, की टीम ने 128 रोगियों का चेकअप कर दवा वितरित की थी। रविवार को 112 नए रोगियों का भी चेकअप कर दवा वितरित की गई। वहीं, डिप्टी सीएमओ जय जय राम व जिला मलेरिया अधिकारी हरिगोविंद ने खून की जांच कर स्लाइडें तैयार की। सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप ने ग्रामीणों से वार्ता कर मृतक सुखवासी लाल, मुंशीलाल व प्रांशु के परिजनों से बीमारी के बारे जानकारी लेते हुए उनके हाल-चाल पूंछे। उन्होंने परिजनों से इलाज के पर्चे भी मांगे। सीएमओ ने ग्रामीणाें से साफ-सफाई रखने की बात कही।
स्वास्थ्य शिविर में बेहोश हुआ युवक
स्वास्थ्य शिविर में लाल-पीली गोलियां देकर औपचारिकताएं निभाई गईं। जबकि कैंप के दौरान बेहोश हुए अखिलेश को खुद सीएमओ ने देखा। शिविर में कोई एंबुलेंस की व्यवस्था तक नहीं की गई थी। इंजेक्शन तो दूर की बात स्वास्थ्य टीम ग्लूकोज की बोतल तक नहीं लाई थी। डाक्टरों ने ओआरएस का घोल पिलाया, तब कहीं जाकर युवक की हालत में सुधार आया।
एमओआईसी ने सीएमओ को किया गुमराह
शनिवार को क्षेत्र के मझैया में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 128 रोगियों को रजिस्टर में दर्ज कर दवाएं वितरित की थी। प्रभारी डा. मोहम्मद इरशाद ने सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप को मात्र 67 मरीजों के बीमार होने की लिखित सूचना भेजी थी। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो अधिक रोगियों की संख्या बता देने से गांव में महामारी घोषित हो जाएगी। इसी लापरवाही के चलते 24 घंटे के अंदर रोगियों की संख्या सौ से 250 तक पहुंच गई। इस संबंध में सीएमओ का कहना था कि डा. मोहम्मद इरशाद ने उन्हें गलत सूचना भेजकर गुमराह करने का प्रयास किया। उसी आधार पर आगे शासन को भी गलत रिपोर्ट भेज दी गई। मामला संज्ञान में लिया गया है। इसी सप्ताह डा. इरशाद पर विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।