कन्नौज। 24 घंटे से हो रही बेमौसम बारिश ने लोगों को परेशान कर दिया। रात करीब 10 बजे से हल्की बर्फीली हवाओं से ठंड बढ़ गई। बारिश रात के बाद पूरे दिन जारी रही। ठंड से जसोदा में एक किसान की मौत हो गई। सुबह से जारी बारिश के कारण रोडवेज बस स्टाप, तिर्वा क्रासिंग समेत अन्य जगहों पर गंतव्य को जाने के लिए खड़े लोगों को भीगकर पहुंचना पड़ा। अधिकतर दुकानें बंद रहीं। लोगों को चाय सहित अन्य सामान खरीदने में दिक्कतें हुईं। दोपहर बाद बारिश हल्की होने पर इक्का-दुक्का दुकानें ही खुलीं। मौसम का रुख देखकर कुछ ही घंटों में दोबारा बंद हो र्गइं।
बुधवार रात आठ बजे से शुरू हुई बारिश कभी धीमी तो कभी तेज होती रही। इससे रोजमर्रा का कामकाज करने वाले लोगों को खासी परेशानी हुई। सड़कों पर जलभराव व कीचड़ से लोग परेशान रहे। तिर्वा क्रासिंग, सरायमीरा, कन्नौज शहर के अंदर अधिकतर दुकानें बंद रहीं। सुबह से चाय, पान-मसाला की दुकानें बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हुई।
भीगते हुए स्कूल पहुंचे शिक्षक व छात्र
सुबह बारिश से शिक्षक व छात्र काफी परेशान हुए। शिक्षक व छात्रों को भीगते हुए स्कूल पहुंचना पड़ा। स्कूलों में छात्र संख्या बहुत कम रही। अधिकतर कालेजों के प्रधानाचार्य व प्रबंधकों ने अवकाश कर दिया था। जो विद्यालय खुल गए थे, उनमें भी छात्र कम पहुंचने से बाद में अवकाश कर दिया गया। मौसम विभाग ने दो से तीन दिन तक मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने अभी तक स्कूलों में अवकाश घोषित नहीं किया है। दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित परिषदीय विद्यालयों में बारिश के चलते शिक्षक नहीं पहुंच सके। इससे अधिकतर विद्यालयों का ताला भी नहीं खुल सका।
ठंड लगने से किसान की मौत
कस्बे में रहने वाले किसान दिनेश सिंह (48) पुत्र मुकुट सिंह कुशवाहा बुधवार रात खेत में पानी लगाकर घर आ रहे थे। ठंड लगने से इनकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने कानपुर हैलट रेफर कर दिया। परिजन इन्हें मेडिकल कालेज तिर्वा लेकर आने लगे। रास्ते में मौत हो गई। शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया।
खेत की रखवाली करने गए वृद्ध की सर्दी लगने से मौत
अन्ना पशुओं से खेत की रखवाली करने गए किसान की सर्दी लगने से हालत बिगड़ गई। परिजनों ने सौ शय्या अस्पताल में भर्ती करवाया। यहां मौत हो गई। मोहल्ला लोहिया नगर निवासी किशोरीलाल (55) पुत्र दीनदयाल अन्ना पशुओं से धनिया की फसल की रखवाली करने गए थे। रात भर हुई बरसात से वह भीग गए। इससे सर्दी ने जकड़ लिया। इसके बाद हालत बिगड़ने लगी। जैसे तैसे वह घर पहुंचे। परिजन आनन फानन में सौ शय्या अस्पताल ले गए। यहां उपचार के दौरान मौत हो गई। पत्नी लीलावती का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों के अनुसार किशोरीलाल ससुराल में रह रहे थे। यहां दस बीघा जमीन मिली थी। मूलरूप से फर्रुखाबाद जनपद के ग्राम धीरपुर निवासी किशोरीलाल के एक पुत्र श्यामेंद्र है। वह किसी कार्य से घर से बाहर है। पुत्र के घर पर न होने से पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।