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एक्सप्रेसवे पर कार के परखच्चे उड़े, तीन की मौत

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एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद कार के उड़े परखचे। - फोटो : KANNAUJ
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तिर्वा (कन्नौज)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुवार तड़के भीषण हादसा हो गया। तेज रफ्तार सियाज कार अनियंत्रित होकर डिवाडर से टकराकर पलट गई। हादसे में कार लगभग दो हिस्सों में बंट गई। उसके परखच्चे उड़ गए। कार चालक हरियाणा के होटल संचालक और दो युवतियों की मौके पर मौत हो गई। हादसे का शिकार हुई एक युवती लखनऊ और दूसरी हमीरपुर जनपद के राठ कस्बे की रहने वाली है। पुलिस ने तीनों के परिजनों को हादसे की जानकारी दी है।
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लखनऊ के थाना गुडंबा के फूलबाग कालोनी निवासी पप्पू खां की 25 वर्षीय बेटी फरहा खान करीब डेढ़ माह पहले नौकरी करने की बात कहकर घर से चली गई थी। गुरुवार सुबह वह हमीरपुर के राठ कस्बा और हाल पता रोहिणी सेक्टर 5 दिल्ली निवासी नैना (24) पुत्री परशुराम और हरियाणा के गुरुग्राम 10/11, सेक्टर 27 निवासी होटल संचालक हरीचंद्र (30) पुत्र जगदान के साथ लखनऊ आ रही थी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तिर्वा कोतवाली के फगुआ भट्ठा के पास सुबह करीब पांच बजे तेज रफ्तार के चलते कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा कर सुरक्षा जाल तोड़ते हुए दूसरी लेन पर पहुंच गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। तीनों की मौके पर मौत हो गई। मौके पर पहुंचे यूपीडा कर्मियों और कोतवाली पुलिस ने तीनों के शवों को बाहर निकाल कर कब्जे में ले लिया।
शवों के पास से मिले आधार कार्ड और मोबाइल से पुलिस ने मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दी। शाम तक मेडिकल कालेज में सिर्फ फरहा के परिजन ही पहुंच सके थे। नैना और हरीचंद्र के परिजनों का पुलिस इंतजार कर रही है। तिर्वा सुबोध कुमार जायसवाल ने बताया कि तीनों शवों को कब्जे में ले लिया गया है। फरहा के परिजन पहुंचे हैं। दो अन्य मृतकों के परिजन अभी तक नहीं पहुंचे हैं। उधर फोन पर हुई बातचीत में पुलिस अधिकारियों को मृतक हरीचंद्र के भाई विष्णु ने बताया कि हरीचंद्र गुरुग्राम और फरीदाबाद में होटल चलाता था।
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फरहा ने दोस्तों के साथ लखनऊ आने की कही थी बात
तिर्वा। दोस्तों के साथ हादसे का शिकार हुई फरहा डेढ़ माह पहले नौकरी करने की बात कह कर घर से निकली थी। इसके बाद उसकी परिवार के लोगों से बुधवार को दूसरी बार बात हुई थी। वहीं हरीचंद्र गुरुग्राम और फरीदाबाद में होटल चलाता था। भाई के साथ रात को खाना खाने के बाद बगैर कुछ बताए वह कार से निकल आया था। सुबह हादसे की खबर से परिजनों के होश उड़ गए। गुरुवार को आगरा- लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में लखनऊ की फरहा, हमीरपुर राठ निवासी नैना और गुरुग्राम निवासी हरीचंद्र की मौत हो गई। मेडिकल कालेज पहुंचे फरहा के भाई सलमान ने बताया कि डेढ़ माह पहले फरहा घर से नौकरी के लिए निकली थी। एक दिन उसने फोन कर बताया था कि वह दिल्ली में नौकरी करने लगी है। इसके बाद बुधवार शाम को फोन पर कंपनी के काम से लखनऊ आने की बात कही थी। उसने बताया था कि उसके साथ लखनऊ घूमने के लिए दोस्त भी आ रहे हैं। इसके बाद हादसे की खबर पर परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस को फरहा के आधार कार्ड में 5/788 सेक्टर 5 विकास नगर निकट पीएनबी बैंक विकासनगर लखनऊ का पता मिला है। उसके भाई सलमान ने बताया कि कुछ साल पहले परिवार यहां किराये पर रहता था। वहीं मृतक हरीचंद्र पंडित के भाई ने पुलिस को फोन पर बताया कि हरीचंद्र गुरुग्राम और फरीदाबाद में होटल चलाता था। बुधवार रात करीब 12 बजे उसने हरीचंद्र के साथ खाना खाया था। इसके बाद कार लेकर बगैर कुछ बताए निकल आया। उसकी मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया है। वह परिवार के साथ कन्नौज के लिए निकल चुका है।
एक दूसरे के बारे में परिजनों को नहीं है जानकारी
हादसे के बाद पुलिस के संपर्क करने पर फरहा के भाई सलमान ने बताया कि वह मृतक हरीचंद्र और नैना के बारे में नहीं जानता है। इसके अलावा फरहा कहां और किस कंपनी में नौकरी करती थी, इसकी भी जानकारी नहीं है। मृतक हरीचंद्र पंडित के भाई विष्णु ने पुलिस को नैना और फरहा को न जानने की बात कही है। उसने बताया कि भाई कैसे और क्यूं कहां जा रहा था, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
करीब छह घंटे में गुरुग्राम से तय की तिर्वा की दूरी
हादसे के बाद कार के उड़े परखच्चे देखकर पुलिस अधिकारियों ने करीब 130 की स्पीड में गाड़ी होने की आशंका जताई है। उधर, मृतक चालक हरीचंद्र के भाई ने करीब 12 बजे गुरुग्राम से निकलने की बात कही गई। इससे हाई स्पीड में गाड़ी चलाकर चालक तिर्वा के फगुआ भट्ठा तक पहुंचा था। अधिक स्पीड के चलते हादसा हो गया। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर भरे पानी से भी हादसा होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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