तालग्राम (कन्नौज)। रोलर की टक्कर से स्कूल की बाउंड्रीवाल ढह जाने से मारे गए तीनों बच्चों के शव 21 घंटे बाद रविवार सुबह नौ बजे पोस्टमार्टम के लिए भेजे जा सके। इससे पहले सैकड़ों ग्रामीण घने कोहरे में भी पूरी रात स्कूल में डटे रहे और शव नहीं उठाने दिए। स्कूल का फर्नीचर भी जला दिया। तनाव के मद्देनजर पुलिस फोर्स तैनात रही। एसपी पल-पल स्थिति की जानकारी लेते रहे। सुबह समझाने-बुझाने के बाद गांववालों का गुस्सा शांत होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
रोहिली के प्राथमिक स्कूल की बाउंड्रीवाल शनिवार को रोड रोलर की टक्कर से ढह गई थी। इससे दिलीप, जाह्नवी और वंदना की मौत हो गई थी। दर्जन भर से अधिक बच्चे घायल हो गए थे। ग्रामीणों ने शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया था। ग्रामीणों ने शव नहीं उठाने दिए। उन्होंने मृतकों के परिवारीजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा और सीएम को मौके पर बुलाने की मांग की। पूरी रात शव स्कूल परिसर में ही रखे रहे। रात में ग्रामीणों ने स्कूल के फर्नीचर में आग लगा दी। पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे।
फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई। ग्रामीण रूपपाल, इंद्रेश, जयसिंह, बालकराम, पिंकी, मनोज, मानसिंह, पातीराम, संजू, प्रमोद, बाबूराम, धर्मेंद्र का कहना है कि पुलिस और प्रशासन ने इतने बड़े हादसे में भी मानवता नहीं दिखाई। ग्रामीण रात भर कोहरे और ठंठ में ठिठुरते रहे। ठंड से बचाव की कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई। रविवार सुबह पुलिस-प्रशासन के फिर समझाने पर ग्रामीण शांत हुए। सुबह नौ बजे तीनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजे गए।