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इस बार कम ‘रोजगार’ देगी सरकार

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आशुतोष दीक्षित
कन्नौज। इस बार केंद्र और प्रदेश सरकार बेरोजगारों को रोजगार के कम अवसर ही मुहैया कराएगी। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का लक्ष्य घटाया आधे से भी कम कर दिया गया है। पिछली बार मंडल में 316 बेरोजगारों को रोजगार के लिए कर्ज दिया गया था लेकिन इस बार केवल 93 को ही रोजगार के लिए कर्ज देने का लक्ष्य मंडल को दिया गया है। इसमें कन्नौज के केवल 19 लोगों को ही रोजगार के अवसर मिल पाएंगे। लक्ष्य कम होने से रोजगार की आस में जिला ग्रामोद्योग केंद्र जाने वाले बेरोजगारों को निराश लौटना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत पिछले वित्त वर्ष में मंडल के जिलों को 143 बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया था। इसमें कन्नौज को 38 बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराना था। इसी तरह कानपुर देहात को 22, कानपुर नगर को 46, इटावा को 16, औरैया को 5 और फर्रुखाबाद को 16 का लक्ष्य दिया गया था। पिछले साल मंडल में 143 और जिले में 38 बेरोजगारों को कर्ज मुहैया कराया गया, इसके बावजूद शासन ने इस बार लक्ष्य घटाकर 24 कर दिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में हर जिले को केवल 4-4 बेरोजगारों को रोजगार के लिए कर्ज मिल सकेगा।
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कुछ ऐसा ही हाल मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का भी हुआ। इस योजना में पिछले वर्ष मंडल को 172 लाभार्थियों का लक्ष्य दिया गया था। इसमें कन्नौज को 20, कानपुर देहात को 40, कानपुर नगर को 40, इटावा को 24, औरैया को 24 और फर्रुखाबाद को 24 का लक्ष्य था। इस योजना में भी शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया। किंतु इस बार लक्ष्य घटाकर 69 कर दिया गया। इस बार मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना से केवल जिले के 15 बेरोेजगार ही लोन ले सकेंगे। कानपुर देहात को 8, औरैया और कानपुर नगर को 13-13, इटावा और फर्रुखाबाद को 10-10 का लक्ष्य दिया गया है। प्रबंधक जिला ग्रामोद्योग केंद्र अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि इस बार दोनों योजनाओं में कुल 19 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य मिला था। इसे पूरा कर लिया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में लक्ष्य आधे से भी कम है। ऋण के इच्छुक लोगों की जिज्ञासा शांत कराकर उन्हें संपर्क में बने रहने के लिए कहा जा रहा है। उम्मीद है कि लक्ष्य को रिवाइज किया जाएगा।



प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में बेरोजगार 25 लाख तक का लोन ले सकते हैं। गांव के एससी लाभार्थी के लिए 35 और सामान्य/पिछड़ा वर्ग को 25 फीसदी सब्सिडी मिलती है। महिलाओं के लिए 35 फीसदी सब्सिडी का प्रावधान है। शहरी क्षेत्र के एससी लाभार्थी को 25 फीसदी और सामान्य/पिछड़ा वर्ग को 15 फीसदी सब्सिडी का प्रावधान है। तीन साल तक ब्याज में छूट भी है। आवेदक की आयुसीमा निर्धारित नहीं है। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में 10 लाख ब्याज मुक्त तक लोन मिलता है। ब्याज सरकार चुकाती है। पांच साल तक ऋण अदा करने का प्रावधान है। 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेने वाला कोई भी व्यक्ति ऋण के लिए जिला ग्रामोद्योग केंद्र में आवेदन कर सकता है। आठवीं पास व्यक्ति 50 वर्ष की उम्र तक कर्ज ले सकता है।
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योजना के तहत किस तरह के व्यापार के लिए कितना ऋण लिया जा सकता है, इसकी जानकारी जिला ग्रामोद्योग केंद्र से की जा सकती है। केंद्र पर रोजगार स्थापित करने के इच्छुक युवा रोजाना पहुंच रहे हैं। लक्ष्य पूरा हो जाने से इन्हें अगले वित्त वर्ष तक इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्य इस बार कम आया था, उम्मीद है कि जल्द इसे रिवाइज किया जाएगा।


इस बार कम ‘रोजगार’ देगी सरकार
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का लक्ष्य घटाया गया
क्रासर
53 बेरोजगारों को जिले और 316 को मंडल में मिला था रोजगार के लिए कर्ज
19 लोगों को ही इस बार मिलेगा कर्ज, मंडल का लक्ष्य घटाकर 93 कर दिया गया
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