अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) ने बायोमीट्रिक हाजिरी और अन्य समस्याओं के विरोध में डीआईओएस दफ्तर पर धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा।
सीएम को भेजे ज्ञापन में हवाला दिया कि माध्यमिक शिक्षकों की बायोमीट्रिक हाजिरी का कोई शासनादेश नहीं है, मात्र विभागीय आदेश है। इसे लागू कराने को विद्यालय में दबाव न बनाया जाए। अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों/कर्मचारियों की नवीन अंशदायी पेंशन (एनपीएस) की कटौती की धनराशि एवं सरकार के दिए अंश को उनके खातों में स्थानांतरित कराया जाए। बोर्ड परीक्षा 2017 के मूल्यांकन एवं अन्य पारिश्रमिक का भुगतान किया जाए। शिक्षकों की आयकर कटौती को जमा करने व फार्म 16 निर्गत करने की पुरानी व्यवस्था रखी जाए।
वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय का चेक के माध्यम से न देकर ई-पेमेंट से भुगतान हो। वर्ष 2016-17 के जीपीएफ की लेखापर्ची शिक्षकों को निर्गत की जाए। शिक्षकों के बकाया वेतन अवशेष महंगाई का भुगतान किया जाए। विगत वर्ष के बोनस का भुगतान अविलंब हो। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में लंबित चयन/प्रोन्नति/पदोन्नति की पत्रावलियों का निस्तारण कराया जाए। नियमित वेतन का भुगतान अगले माह प्रथम सप्ताह में किया जाए।
प्रदेशीय मंत्री रामानंद द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता का ठीकरा सदैव अनुदानित व राजकीय विद्यालयों में फोड़ दिया जाता है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के आदेश से बायोमीट्रिक मशीन लगाना अनिवार्य कर दिया है। शिक्षकों की उपस्थिति इससे कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट पर ही वेतन बिल प्रस्तुत होंगे। कहा कि इसकी शुरुआत अधीनस्थ कार्यालयों से होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष हरिबक्स सिंह, महामंत्री रघुवीर सिंह यादव आदि रहे।
- माध्यमिक शिक्षक संघ ने डीआईओएस को सौंपा ज्ञापन