छिबरामऊ। 77 सात पहले पाकिस्तान गई बीबी हलीमा की संपत्तियों को प्रशासन ने पटाक्षेप करना शुरू कर दिया। 20 दिनों तक चली जांच पड़ताल के बाद एसडीएम न्यायालय के आदेश के बाद मंगलवार को छिबरामऊ देहात के छह गाटों से संबंधित 20 बीघा संपत्ति केंद्रीय गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति अभिरक्षण कार्यालय की रिपोर्ट आने तक राज्य सरकार में दर्ज कर दी गई है। राज्य सरकार के अधीन इस संपत्ति के घोषित होते ही बीबी हलीमा की संपत्ति की जमीन पर रिहायशी लोगों के अलावा इस भूमि की बिक्री करने की फिराक में बैठे भू माफियाओं की धड़कने ठंडी पड़ गई है।
एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि छिबरामऊ देहात के राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 625 626 627 628 910 988 बीबी हलीमा के नाम दर्ज है। यह संपत्ति 20 बीघा है। गाटा संख्या 627 में बीबी हलीमा के नाम दर्ज है, लेकिन यह रिकार्ड में सड़क में दर्ज है। इसी नंबर दुकानें बनी हुई है। पंद्रह दिनों तक राजस्व टीम की जांच पड़ताल के बाद भी यह साबित नहीं हो पाया कि इस संपत्ति असली वारिस कौन है।
बीबी हलीमा की संपत्ति को लेकर भाकियू (औनू) के प्रदेश महासचिव गोपाल दुबे व जिलाध्यक्ष संजीव ठाकुर की शिकायत के आधार राजस्व टीम से इस प्रकरण की जांच कराई गई। करीब 77 सालों तक इस जमीन पर किसी भी वारिसान ने हक दायर नहीं किया। उन्होंने तहसीलदार उक्त भूमि अभिलेख अंकित कराने के निर्देश देते अन्य संपत्तियों की जांच कर अलग से आख्या देने के निर्देशित किया है।