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जांच में सही मिली पीएम आवास वितरण में गड़बड़ी, रिकवरी शुरू

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कन्नौज। पीएम आवास और उसकी किस्तों के वितरण पर उठे सवाल के बाद शुरू हुई जांच में आरोप सही पाए गए हैं। पीडी डीआरडीए ने जांच पूरी कर कार्रवाई के लिए बीडीओ गुगरापुर को निर्देश दिए हैं। जल्द कुछ अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है।
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ग्राम पंचायत गुनाह के मजरा अल्लापुर निवासी रामशरण पुत्र कुंअरपाल ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर पिछले वर्ष शिकायत की थी। आरोप था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2017-18 में आवास बनाने के लिए आर्यावर्त ग्रामीण बैंक गोसाईंदासपुर से 40 हजार रुपये की पहली किस्त मिली। आवास निर्माण शुरू कर तीन-चार फीट तक दीवार बना ली थी। नौ महीने बाद भी दूसरी किस्त नहीं मिली। ग्राम प्रधान से जानकारी की तो बताया गया कि धनराशि खाते में पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद ब्लाक में जांच आई तो उसे बुलाया गया। यहां बताया गया कि उसकी 40-40 हजार की दूसरी और तीसरी किस्त हरदोई के सांडी में प्रबंधक बैंक आफ इंडिया के खाते में पहुंच गई है।


मामले की जांच जिलाधिकारी रवींद्र कुमार के निर्देश पर पीडी डीआरडीए डा. रामचंद्र को दी गई। जांच में सामने आया है कि रामसरन पुत्र कुंवरपाल को 2011 में निर्बल आवास योजना के तहत आवास का आवंटन किया जा चुका था। नियमानुसार एक बार आवास का लाभ पाने वाले को दोबारा आवंटित नहीं हो सकता है। गुगरापुर ब्लाक के अफसरों ने इन तथ्यों को छिपाकर रामसरन को आवास का आवंटन कर दिया। पीडी डा. रामचंद्र ने बताया कि रामसरन के आवास की दूसरी और तीसरी किस्त के 80 हजार रुपये प्रबंधक बैंक आफ इंडिया सांडी के खाते में भेजे गए थे। इनकी रिकवरी कर ली गई है। रामसरन को जो पहली किस्त के 40 हजार रुपये मिले थे, उसकी रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है। रामसरन को दूसरी बार आवास का लाभ देने में ब्लाक के अधिकारी दोषी मिले हैं। बीडीओ गुगरापुर को जांच रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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भाजपा नेता के आरोप सही नहीं हुए साबित
इसी ब्लाक के नौरंगपुर गांव निवासी भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष सदरुल हसन ने गांव के एक व्यक्ति पर आरोप लगाया था कि अपात्र होने के बाद भी उसे पीएम आवास आवंटित किया गया है। उन्होंने इसकी शिकायत प्रभारी मंत्री संदीप सिंह से भी की थी। पीडी ने इसकी भी जांच की। जांच में आरोप गलत साबित हुए।


पीएम आवास वितरण में गड़बड़ी, रिकवरी शुरू
गुगरापुर के गुनाह गांव के ग्रामीण की शिकायत पर हुई जांच, तत्कालीन एडीओ और सचिव पर हो सकती है कार्रवाई,2011 में आवास देने के बाद फिर दे दिया पीएम आवास, खाते में भेजी गई 80 हजार की धनराशि की अफसरों ने की रिकवरी
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