रबी के मौसम में बोई जाने वाली गेहूं की फसल में 1800 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल का रकबा बढ़ा है। इस बार रबी में 72431 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुआई होगी, जबकि बीते वर्ष 70564 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं बोया गया था। निजी, सहकारी व कृषि विभाग के गोदाम से किसानों को 33160 क्विंटल गेहूं बीज बेंचा जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी नीरज रान ने बताया कि जिले में करीब 25 फीसदी किसान आलू की कच्ची फसल की खुदाई के बाद गेहूं की बुआई करते हैं। कृषि गोष्ठियों के जरिए किसानों में जागरूकता आई है। अब किसानों ने आलू के अलावा दूसरी फसलों को भी करने की आदत डाली है। उन्होेंने कहा कि 33160 क्विंटल गेहूं निजी, सहकारी, कृषि विभाग से विक्रय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान पीबी डब्लू 550, डीबीडब्लू 17, डीबीडब्लू 621, एचडी 2967 प्रजाति के गेहूं की बुआई कर सकते हैं। इस बीज से अच्छा उत्पादन मिलेगा। जो किसान गेहूं की फसल की बुआई के लिए खेतों का पलेवा कर चुके है, उनके लिए यह उपर्युक्त समय है।