33/11 केवी बहवलपुर बिजलीघर से जुड़े 180 गांवों में तीसरे दिन भी अंधेरा छाया रहा। सात मार्च को यहां कंट्रोल रूम में लगी सभी वीसीबी मशीनें जल गई थीं। आखिरकार विद्युत विभाग की नींद टूटी और शनिवार से नई वीसीबी मशीनें लगना शुरू हो गईं।
अधिशासी अभियंता आरएन वर्मा के मुताबिक सोमवार से सभी फीडरों की विद्युत आपूर्ति बहाल हो जाएगी। ग्रामीणों की शिकायत पर विधायक अरविंद सिंह यादव ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लि.आगरा के एमडी को समस्या से अवगत कराया था। एमडी के आदेश पर सौरिख में बन रहे 33/11 केवी बिजलीघर के लिए आई मशीनें शनिवार को बहवलपुर भेज दी गई।
यहां अधिशासी अभियंता आरएन वर्मा, जेई अवनीश कुमार, जेई गुगरापुर अजयपाल गौतम, जेई (मीटर) जीके शर्मा व एई (मीटर) दयानिधि किंकर की देखरेख में नई वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) मशीनों की फीटिंग शुरू कर दी गई। इनसे कसाबा और विशुनगढ़ फीडर से जुड़े गांवों को बिजली दी जाएगी। जबकि दूसरी वीसीबी से हाथिन व खोजीपुर फीडरों से जुड़े गांवों को आपूर्ति होगी। अधिशासी अभियंता ने जेई अवनीश कुमार को विशुनगढ़ फीडर दो भागों में बांटने का निर्देश दिया है जिससे ओवरलोडिंग खत्म हो सके।