मरीजों का उपचार करते डा. मृदुल भूषण व अन्य।
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तिर्वा। राजकीय मेडिकल कालेज में बुधवार को 760 मरीजों ने उपचार के लिए अपना पंजीकरण कराया। इसमें सबसे अधिक 240 मरीज मेडीसिन वार्ड से संबंधित थे। इनमें 180 मरीज ठंड से प्रभावित होकर जुकाम बुखार, निमोनिया, दमा व हद्य रोग से संबंधित थे। बाल रोग विभाग में ठंड से पीड़ित 32 बच्चों का बाल रोग चिकित्सकों ने उपचार किया।
मेडीसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डा. मृदुल भूषण ने बताया कि पिछले तीन दिनो से लगातार बढ़ रही सर्दी व कोहरे के कारण 40 वर्ष की आयु से ऊपर वाले लोग अधिक प्रभावित होकर आ रहे हैं। इनमें से अधिकांश में जुकाम बुखार खांसी, निमोनिया व सांस की बीमारी की शिकायतें है। अधिक सर्दी पड़ने पर यह रोग जोर पकड़ लेते है। बताया कि ठंड से प्रभावित 180 मरीजों का उन्होंने परीक्षण कर उन्हें दवाईयां लिखी है।
बाल रोग के एचओडी डा. एसजी मिश्रा ने बताया कि सर्दी अधिक पड़ने के कारण बुधवार को उनके वार्ड में मरीज कम आए है। ठंड से प्रभावित 32 बच्चें जिनकी उम्र दो वर्ष से 10 वर्ष तक की थी। उनका उपचार किया गया। सभी को दवाईयां लिखी गईं। इमरजेंसी वार्ड के प्रभारी डा. शादाब ने बताया कि सर्दी व गलन के कारण बुधवार को सांस की बीमारी से संबंधित छह मरीज इमरजेंसी में भर्ती कि ए गए। इन सभी का उपचार किया गया। सभी को आक्सीजन भी उपलब्ध कराई गई। जिससे उनकी हालत में सुधार हुआ।
मेडिकल कालेज में आज से खुलेगा रैन बसेरा
तिर्वा। मेडिकल कालेज में आने वाले मरीजों के तीमारदारों को रात्रि के दौरान ठहरने के लिए रैन बसेरा की व्यवस्था मेडिकल कालेज प्रशासन ने कर दी है। पीआरए भवन के दो कक्षों में करीब 50 लोगों के ठहरने के लिए रैन बसेरा में इंतजाम किए गए हैं। इस रैन बसेरे का उद्घाटन गुरुवार की दोपहर 12 बजे एसपी हरीश चंदर करेंगे। मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने बुधवार को रैन बसेरे की तैयारियों का जायजा लिया। बाद में बताया कि रैन बसेरा को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए उन्होंने समाजसेवी संस्था भारत विकास परिषद व लायंस क्लब को पत्र लिखा है। कुछ बजट उन्होंने अपने वेतन से इसके लिए दिया है। रैन बसेरा के लिए मेडिकल कालेज के मद में कोई बजट नहीं है। इसकी व्यवस्था जिला प्रशासन व नगर प्रशासन की होती है। नगर पंचायत तिर्वागंज से जब उन्होंने संपर्क किया तो बताया गया कि मेडिकल कालेज उनकी सीमा में नहीं है। तहसील प्रशासन ने भी कैंपस में अलाव व रैन बसेरा के लिए अपने हाथ खड़े कर दिए। इस वजह से स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से दो माह के लिए रैन बसेरा चलेगा। पीआरए भवन में पुलिस चौकी भी संचालित है। इसके चलते यहां तीमारदारों के ठहरने पर सुरक्षा की भी कड़ी व्यवस्था रहेगा।