कन्नौज। जिला पंचायत की हंगामेदार बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 43.69 करोड़ रुपये का मूल बजट पास किया गया। तय हुआ कि इससे जिले की करीब 152 सड़कों का निर्माण करवाया जाएगा। इसके अलावा अनुदान का 42 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। इसमें गंगा घाट की सफाई, पेयजल व्यवस्था, मरम्मत कार्य समेत 35 निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई। वहीं, जिला पंचायत की वार्षिक आय 45 लाख रुपये आंकी गई।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला पंचायत की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष शिल्पी कटियार ने की। सदस्यों ने एक-एक कर अपने प्रस्ताव रखे। इसमें जिला पंचायत का आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 43.69 करोड़ का मूल बजट पारित किया गया। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ज्योति कुमार ने बताया कि इस बजट से जिले में करीब 152 सड़कों का निर्माण जिला पंचायत से करवाया जाएगा। छह माह में पुनरीक्षित बजट की मांग की जाएगी। इसमें बजट निर्माण कार्य के हिसाब से बढ़ाया जाएगा। बताया कि वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में 71 करोड़ से विकास कार्य करवाए गए हैं। 42 करोड़ के अनुदान बजट से 35 निर्माण करवाए जाएंगे। इसमें पुराने भवनों का निर्माण कार्य, मरम्मत कार्य, गंगा घाटों की सफाई आदि निर्माण कार्य होगी। इसके अलावा जिला पंचायत को दुकानों समेत अन्य मदों से 45 लाख रुपये आय होने की जानकारी दी गई। इस मौके पर डीडीओ एनबी सविता, पीडी डीआरडीए सुशील कुमार सिंह, डीपीआरओ जितेंद्र मिश्र, डीडी कृषि आरएन सिंह, डीएचओ मनोज चतुर्वेदी समेत कई अफसर मौजूद रहे।
बिना रसीद दिए 320 में बेची जा रही यूरिया, जांच के आदेश
जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र सिंह ने बताया तालग्राम क्षेत्र में सभी दुकानों पर किसानों को बिना रसीद दिए 320 रुपये में यूरिया बेची जा रही है, जो गलत है। सीडीओ ने कृषि अफसरों पर नाराजगी व्यक्त कर जांच टीम बनाकर इसकी जांच कराने के आदेश दिए। जांच में गड़बड़ी मिलने पर दोषियों पर कार्रवाई के आदेश दिए।
घटिया ईंट लेकर पहुंचे जिपं सदस्य, जांच के आदेश
जिला पंचायत सदस्य दिगंबर यादव ने बताया कि ठेकेदार लाखों रुपये के बजट वाले निर्माण कार्य में धांधली कर रहे हैं। इसकी कई बार शिकायत की गई लेकिन अफसर सुनने को तैयार नहंीं है। बताया कि उमर्दा ब्लॉक क्षेत्र के सकतपुर, नगला पट्टी समेत आदि क्षेत्रों में सड़क पटरी निर्माण में घटिया ईंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कहने के बाद उन्होंने अपने साथ लाई ईंट सभागार की मेज पर रख दी। इससे अफसर हतप्रभ रह गए। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जिला पंचायत में अधिकारी से लेकर कर्मी तक सुविधा शुल्क लिए बिना कोई काम नहीं करता है। अधिक दिक्कत होने पर हाल में एक बाबू को पकड़वाया गया था। अगर सुधार नहीं हुआ तो कई लोग और जेल जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण हुए छह माह का समय हो गया है। सुविधा शुल्क न देने की वजह से भुगतान नहीं किया जा रहा है। सीडीओ ने इस पर नाराजगी व्यक्त कर अधिकारी व कर्मचारी से पूछा तो वह उत्तर नहीं दे सके। सीडीओ ने इसकी जांच करवाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।