राहुल दुबे
कन्नौज। जिले की 22000 हजार से अधिक दुकानों का जीएसटी टीम भौतिक सत्यापन कर दुकान की फोटो विभाग की टीम पोर्टल पर अपलोड करेगी। ये वह दुकानों हैं जिनका रजिस्ट्रेशन जीएसटी लागू होने के बाद हुआ है। दरअसल शासन ने पंजीकरण नियमावली में बदलाव कर दिया है, अब व्यापारी के आवेदन करने के तीन दिन में फाइल और 15 दिन में भौतिक सत्यापन करना होगा।
वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिशभनर विनोद गुप्ता ने बताया कि जिले में करीब 45000 प्रतिष्ठान (फार्म) पंजीकृत हैं। इसमें करीब 22000 का पंजीकरण जीएसटी लागू होने के बाद हुआ है। जीएसटी लागू होने के बाद प्रतिष्ठानों के रजिस्ट्रेशन कराने में तेजी आई। आवेदन आने के बाद तीन दिन में जीएसटी नंबर देना अनिवार्य था। स्टाफ की कमी के कारण लगभग सभी जिलों में काम समय पर नहीं निपट पा रहा था। इससे शासन ने बिना भौतिक सत्यापन किए रजिस्ट्रेशन नंबर (जीएसटी नंबर) जारी करने के आदेश दिए थे।
अभी तक यही व्यवस्था चल रही थी। अब फिर भौतिक सत्यापन के बाद ही रजिस्ट्रेशन नंबर देने के आदेश आए हैं। नई व्यवस्था एक नवंबर से लागू हो जाएगी। उन प्रतिष्ठानों के भी सत्यापन किए जाएंगे जिन्हें रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किए जा चुके हैं। सत्यापन के दौरान अधिकारियों को प्रतिष्ठान की फोटा लेकर भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। उन्होंने बताया कि वाणिज्यकर विभाग की आईटी टीम ने एक एप भी तैयार किया है। ये एप विभाग के अधिकारी गूगल प्ले से अपने सीयूजी नंबर पर डाउनलोड कर भौतिक सत्यापन के दौरान डेटा फीड करेंगे। नए नियम में आवेदन के तीन दिन में कागज तैयार और 15 में दिन सत्यापन पूरा करना होगा।
दरअसल कई जगह प्रतिष्ठानों में धोखाधड़ी पकड़ी गई। यानी जिस व्यापारी ने कपड़े के कारोबारी का रजिस्ट्रेशन कराया था व निरीक्षण के दौरान लोहे की सामग्री बेचता मिला। फर्नीचर का रजिस्ट्रेशन कराने वाला व्यापारी बैग बस्ते बेचता मिला। इस कारण पुन: भौतिक सत्यापन कराने का शासन ने निर्णय लिया। सत्यापन में ये देखा जाएगा कि व्यापारी ने फार्म को जो पता दिया था वहीं दुकान है या नहीं और जो कारोबार बताया था वही कर रहा हैया नहीं। इसी तरह अन्य बिंदुओं की जानकारी भी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
जनपद में छोटी-बड़ी मिलाकर 50 हजार से अधिक दुकानें अभी भी बिना वाणिज्यकर विभाग में रजिस्ट्रेशन के चल रही हैं। सूत्रों के अनुसार जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के भौतिक सत्यापन के बाद बिना पंजीकरण चल रहीं दुकानों की जांच कराई जाएगी। डिप्टी कमिशभनर विनोद कुमार कहा कि जिन व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है वह जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करा लें।
22000 दुकानों का होगा सत्यापन
मौके पर जाकर दुकान की फोटो पोर्टल पर अपलोड करेगी जीएसटी टीम
क्रासर
अब तीन दिन में फाइल और 15 दिन भौतिक सत्यापन करना होगा
असिस्टेंट कमिशभनर स्तर से ही जारी किए जाएंगे पंजीकरण प्रमाणपत्र