हसेरन/छिबरामऊ/तालग्राम। सौरिख थाना क्षेत्र के ग्राम भदौरियन पुर्वा में कच्चा मकान गिरने से मनरेगा मजदूर की मौत हो गई। शनिवार को मलबे से बदबू आने पर परिजनों को जानकारी हुई, तब शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एसडीएम ने परिजनों को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है। तीन अन्य मकान गिरने से मां-बेटों सहित पांच लोग घायल हो गए। इसमें दो को गंभीर हालत में मिनी पीजीआई सैफई में भर्ती कराया गया है। मलबे में दबकर तीन बकरियां मर गईं और आठ अन्य मवेशी घायल भी हो गए।
सौरिख के ग्राम भदौरियन पुर्वा निवासी महेशचंद्र (45) पुत्र महेंद्र सात भाइयों में चौथे नंबर का था। अविवाहित महेश मकान के एक हिस्से में भाइयों से अलग रहते हुए मजदूरी कर जीवन यापन करता था। बीते बृहस्पतिवार की रात वो अपने घर में सो रहा था। रात में बारिश के दौरान उसके हिस्से का मकान गिर गया। गिरे मकान के मलबे से सो रहा महेश दब गया। भाइयों और ग्रामीणों को उसके मलबे में दबे होने की जानकारी नहीं हुई। शनिवार सुबह मलबे से बदबू आने पर परिजनों को हादसे की आशंका हुई। ग्रामीणों के सहयोग से परिजनों ने मलबा हटाया। मलबे में महेश का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर उपजिलाधिकारी तिर्वा प्रेमचंद्र लाल श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार आरके वर्मा, क्षेत्रीय लेखपाल मो. आरिफ, अमीन देवेंद्र श्रीवास्तव, ग्राम प्रधान वीरभान, भरतपाल सिंह, नादेमऊ चौकी प्रभारी अवधेश सिंह राठौर आदि मौके पर पहुंचे। उपजिलाधिकारी ने परिजनों और ग्रामीणों से मामले की जानकारी ली। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। उपजिलाधिकारी ने परिजनों को मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। एक अन्य मकान छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम सैंसारपुर में गिरा। यहां शुक्रवार देर रात करीब एक बजे कच्चा मकान ढहने से मजदूर नरेंद्र पुत्र सोनेलाल कठेरिया की पत्नी श्यामादेवी, पुत्र पंकज (8)और नीलेश (6) मलबे में दब गए। चीख पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े और आनन-फानन में मलबा हटाकर मां-बच्चों को बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने तीनों को सौ शैय्या अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत के चलते चिकित्सकों ने श्यामा देवी व पंकज को रेफर कर दिया। परिजन दोनों को मिनी पीजीआई सैफई ले गए हैं।
तालग्राम प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के राजापुर्वा गांव में अमर सिंह पुत्र राजाराम की पक्की दीवार शुक्रवार देर शाम बारिश के कारण ढह गई। दीवार का मलबा गिरने से पड़ोसी सीताराम पुत्र मथुरा प्रसाद की झोपड़ी की कच्ची दीवार भी गिर गई। मलबे की चपेट में आकर अमर सिंह पत्नी अनीता देवी (43) गंभीर रूप से घायल हो गई और आठ मवेशी भी दब गए। ग्रामीणों ने महिला और मवेशियों को निकाला। महिला को सीएचसी गुरसहायगंज में भर्ती कराया गया है। ग्राम प्रधान सोबरन सिंह यादव ने लेखपाल को सूचना दी है।
गुरसहायगंज प्रतिनिधि के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पलटेपुरवा निवासी राजेंद्र का मकान भी शुक्रवार रात को ढह गया। मकान में सो रही राजेंद्र की पत्नी नीलम और तीन बकरियां दब गईं। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर महिला को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। महिला के पैर की हड्डी टूटी है जबकि तीनों बकरियों की मौत हो गई।
बारिश में मकान गिरने से मजदूर की मौत
दो दिन मलबे में दबा रहा शव, तीन अन्य मकान गिरने से मां-बेटों सहित पांच घायल
क्रासर
तीन बकरियां मरीं, आठ अन्य मवेशी घायल
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो 28सीएचबीपी61- मृतक महेशचंद्र (फाइल फोटो)।
फोटो 28केएनजेपी 15-गिरी दीवार और झोपड़ी देखते प्रधान।
फोटो 28केएनजेपी 16-अस्पताल में भर्ती महिला।
फोटो-27- बारिश में गिरे कच्चे मकान का छप्पर हटाते ग्रामीण।
फोटो 28सीएचबीपी52 घायल श्यामादेवी।
फोटो 28सीएचबीपी53 घायल पंकज।
फोटो 28सीएचबीपी54 घायल नीलेश।