अमर उजाला ब्यूरो
छिबरामऊ। गुरुद्वारा श्रीगुरुसिंह सभा में गुरुनानक देव जी की जयंती पर शबद कीर्तन और लंगर का आयोजन किया गया।
गुरुद्वारे के ग्रंथी अरुण सिंह ने नागन होआ घर बसा सबद हमै पयो जाए, नानक सदा सोहागणी जिन जोति जोत समाए, ...सतगुरु नानक परगटया, मिटी धुंध जग चानण होया शबद कीर्तन के साथ गुरुनानक देव जी की महिमा का बखान किया। ग्रंथी ने बताया कि गुरुनानक देव जी ने जात पात व ऊंच नीच का भेदभाव समाप्त किया और एक ईश्वरवाद व मानवता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने लोकहित के लिए काम किया और सर्वशक्ति संपन्न ईश्वर स्वरूप रहे। उन्होंने सबसे बड़ा उपदेश दिया कि सत्य सबसे ऊंचा है, लेकिन सच्चा आचरण उससे भी ऊंचा है।
गुरुद्वारे में अटूट लंगर भी करवाया गया। प्रधान सूर्यप्रताप सिंह, जसवीर कौर, बलजीत कौर, पालो कौर, निर्मल कौर, तलविंदर कौर, नीलम कौर, चांदनी, प्रीती, मोनिका कौर, प्रीती कौर, अनीमा कौर, लकी सरदार, सोनू सरदार, टिंकल सरदार, रोबिन सरदार, टिंकू सरदार, प्रिंस, सिद्दत, राजा, पप्पू, बॉबी सरदार, सतनाम, हनी सिंह, तनवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
कीर्तन से हुए निहाल, लंगर भी छका
गुरुनानक देव की जयंती पर गुरुद्वारे में हुए कार्यक्रम
फोटो 23 सीएचबीपी 58 अरदास करते ग्रंथी अरुण सिंह।
फोटो 23 सीएचबीपी 59 गुरुद्वारे में शबद कीर्तन करतीं महिलाएं।